दुर्ग , अक्टूबर 03 -- छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में शासकीय विद्यालयों के प्रतिभावान विद्यार्थियों को नीट और जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अब महंगे कोचिंग संस्थानों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

शिक्षा विभाग से शनिवार को मिली जानकारी के अनुसार आनंद कुमार के चर्चित 'सुपर 30' की तर्ज पर जिले में 'सुपर 80' की शुरुआत की गई है, जिसके तहत चयनित विद्यार्थियों को पूरी तरह नि:शुल्क कोचिंग उपलब्ध कराई जा रही है।

शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव की महत्वाकांक्षी परिकल्पना के तहत शुरू किए गए इस अभियान की कक्षाएं स्वामी आत्मानंद झाड़ू राम देवांगन शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, दुर्ग में प्रारंभ हुई हैं। योजना का उद्देश्य विशेष रूप से ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से आने वाले मेधावी विद्यार्थियों को अपने ही जिले में बेहतर शैक्षणिक मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है, ताकि वे राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर सकें।

'सुपर 80' की कक्षाओं के पहले दिन शुक्रवार को चयनित छात्र-छात्राओं को विषय-विशेषज्ञों ने नीट और जेईई सहित प्रतियोगी परीक्षाओं के बदलते पैटर्न से परिचित कराया। विद्यार्थियों को समय प्रबंधन, तैयारी की रणनीति और विभिन्न विषयों की बुनियादी अवधारणाओं के संबंध में भी मार्गदर्शन दिया गया।

इस दौरान शिक्षा संभाग दुर्ग के संयुक्त संचालक डॉ. के. वी. राव स्वयं विषय-विशेषज्ञ के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने शिक्षकों और विद्यार्थियों को भौतिकी और गणित जैसे कठिन माने जाने वाले विषयों को रोजमर्रा के जीवन के उदाहरणों और रोचक कहानियों के माध्यम से समझने और समझाने का तरीका बताया। उन्होंने कहा कि जब विद्यार्थी किसी सिद्धांत को अपने आसपास की दुनिया में घटित होते हुए देखते हैं, तो विषय उनके लिए बोझ के बजाय जिज्ञासा का माध्यम बन जाता है।

योजना के माध्यम से ऐसे प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया है, जो आर्थिक अभाव अथवा उचित मंच और मार्गदर्शन नहीं मिलने के कारण प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी से वंचित रह जाते हैं। अब चयनित विद्यार्थियों को अपने गृह जिले में ही उच्च स्तरीय तैयारी का अवसर मिलेगा।

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