दुर्ग , अगस्त 23 -- छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में स्वाइन फ्लू का पहला मामला सामने आया है। जिले के एक निजी अस्पताल में भर्ती 2 साल 11 माह की बच्ची की आरटी-पीसीआर जांच में एच1एन1 वायरस की पुष्टि हुई है। मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ाते हुए बच्ची के परिजनों और उसके संपर्क में आए लोगों की निगरानी शुरू कर दी है।
दुर्ग के सिविल सर्जन डॉ. आशीष कुमार मिंज ने बताया कि बच्ची को करीब दो दिन पहले तेज बुखार और फ्लू जैसे लक्षण होने पर अस्पताल लाया गया था। लक्षणों को देखते हुए डॉक्टरों को स्वाइन फ्लू की आशंका हुई। इसके बाद बच्ची की आरटी-पीसीआर जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट में एच1एन1 वायरस की पुष्टि हुई।
बच्ची का फिलहाल निजी अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उपचार किया जा रहा है। चिकित्सक लगातार उसकी स्वास्थ्य स्थिति पर नजर रख रहे हैं।
एच1एन1 की पुष्टि के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम बच्ची के घर पहुंची और आसपास के क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है। स्वास्थ्य अमला घर-घर जाकर लोगों के स्वास्थ्य के संबंध में जानकारी जुटा रहा है। बच्ची के परिवार के अन्य सदस्यों के भी सैंपल लिए गए हैं, जिससे यह पता लगाया जा सके कि उनमें संक्रमण के कोई लक्षण हैं या नहीं। इसके साथ ही बच्ची के संपर्क में आए लोगों की जानकारी जुटाकर संक्रमण के संभावित प्रसार का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। विभाग के अनुसार स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
संक्रमित बच्ची की उम्र 5 साल से कम है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार इस आयु वर्ग के बच्चों में फ्लू के कारण गंभीर बीमारी का जोखिम अधिक रहता है। फ्लू का संक्रमण संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने अथवा बात करने के दौरान निकलने वाली छोटी बूंदों या कणों के माध्यम से दूसरे व्यक्ति तक पहुंच सकता है। बंद और भीड़भाड़ वाले स्थानों में इसके प्रसार की आशंका अधिक रहती है।
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