दुर्ग , अक्टूबर 25 -- छत्तीसगढ़ के दुर्ग में करीब नौ साल से किराए के मकान में रह रही एक बंगलादेशी महिला रीना अख्तर को 23 अक्टूबर को वापस भेज दिया गया है।

दुर्ग पुलिस से आज मिली जानकारी के अनुसार पुलिस ने उसे जुलाई 2026 में गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उसे रायपुर जेल में रखा गया था। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद दुर्ग पुलिस की एसटीएफ टीम, खुफिया विभाग और सीमा सुरक्षा बल ने संयुक्त कार्रवाई कर उसे वापस बंगलादेश भेजा।

पुलिस के मुताबिक जिले में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान और जांच के दौरान रीना अख्तर के बारे में जानकारी मिली थी। वह वर्ष 2017 से दुर्ग में रह रही थी और सिलाई-कढ़ाई के साथ घरेलू काम करके अपना गुजारा करती थी। इस दौरान वह दुर्ग और रायपुर में रही। उसके कई बार पश्चिम बंगाल जाने की जानकारी भी सामने आई है। इसके अलावा एक बार बंगलादेश जाकर वापस दुर्ग लौटने की बात भी सामने आई है।

दुर्ग में रहने के दौरान रीना अख्तर ने आधार कार्ड, राशन कार्ड सहित कुछ भारतीय दस्तावेज बनवा लिए थे। बताया गया है कि वह कई वर्षों से इन दस्तावेजों का लाभ ले रही थी। अब पुलिस इन दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है कि इन्हें कहां और किस प्रक्रिया के तहत बनवाया गया था।

एएसपी सिटी शोभराज अग्रवाल ने बताया कि रीना के भारतीय दस्तावेजों की जानकारी मिली है। इन्हें नियमानुसार रद्द करने के लिए संबंधित विभागों के साथ कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि जिले में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान करने के साथ उनके दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।

दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी विदेशी नागरिक के अवैध रूप से रहने या फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करने की जानकारी मिलने पर पुलिस को सूचित करें। ऐसे मामलों में जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सूचना देने के लिए हेल्पलाइन नंबर 1800-233-1905 जारी किया गया है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित