दुर्ग , अक्टूबर 15 -- छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में बुधवार रात गरबा आयोजन के दौरान बजरंग दल के कार्यकर्ताओं और आयोजन समिति के पदाधिकारियों के बीच विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। पद्मनाभपुर क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम के दौरान दोनों पक्षों में धक्का-मुक्की और हाथापाई हुई। इस दौरान कांग्रेस के दुर्ग शहर जिला अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल को भी धक्का दिया गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद पुलिस ने आयोजन समिति के अध्यक्ष की शिकायत पर अज्ञात लोगों के खिलाफ आज मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस और स्थानीय स्तर से आज मिली जानकारी के अनुसार दुर्ग नव निर्माण समिति की ओर से पद्मनाभपुर इलाके में गरबा कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। आयोजन को लेकर विवाद उस समय शुरू हुआ, जब भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के जिला उपाध्यक्ष आदिल खान ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की सहायता से तैयार गरबा कार्यक्रम का एक बैनर सोशल मीडिया पर साझा किया। इसमें कांग्रेस के दुर्ग शहर जिला अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल के माध्यम से गरबा आयोजन और निःशुल्क प्रवेश पास उपलब्ध होने की जानकारी दी गई थी।
बताया गया है कि इस पोस्ट पर बजरंग दल के कुछ कार्यकर्ताओं ने आपत्ति जताई थी। आरोप है कि कार्यकर्ताओं ने आयोजन स्थल पहुंचकर विरोध दर्ज कराया और आदिल खान को कार्यक्रम में शामिल नहीं होने देने की बात कही थी। इसके बाद से आयोजन को लेकर दोनों पक्षों के बीच मतभेद की स्थिति बनी हुई थी।
कल रात विवाद उस समय बढ़ गया, जब बजरंग दल के कार्यकर्ता गरबा आयोजन स्थल पर पहुंचे और मंच पर चढ़ गए। इस दौरान संगठन के एक पदाधिकारी ने मंच से गरबा कार्यक्रम में मुस्लिम समुदाय के लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने के संबंध में भाषण दिया।
कार्यक्रम में मौजूद कांग्रेस जिलाध्यक्ष धीरज बाकलीवाल ने विवाद नहीं करने और शांतिपूर्ण ढंग से आयोजन जारी रखने की बात कही।
जानकारी के मुताबिक धीरज बाकलीवाल ने बजरंग दल के पदाधिकारी से बातचीत कर स्थिति सामान्य करने का प्रयास किया, लेकिन इसी दौरान कुछ कार्यकर्ता आक्रोशित हो गए। देखते ही देखते आयोजन समिति के पदाधिकारियों और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के बीच कहासुनी के बाद धक्का-मुक्की और हाथापाई शुरू हो गई।
सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में मंच के नीचे एक युवक कांग्रेस जिलाध्यक्ष धीरज बाकलीवाल को धक्का देते हुए दिखाई दे रहा है। घटना के कारण आयोजन स्थल पर कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बन गई।
घटना के बाद दुर्ग नव निर्माण समिति के अध्यक्ष ने पद्मनाभपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 115(2), 191(2) और 296 के तहत अज्ञात लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की है। इन धाराओं का संबंध क्रमशः जानबूझकर चोट पहुंचाने, दंगा करने तथा सार्वजनिक स्थान पर अश्लील हरकत या शब्दों के इस्तेमाल से है।
इस संबंध में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) मणिशंकर चंद्रा ने बताया कि पद्मनाभपुर थाना क्षेत्र में गरबा कार्यक्रम के दौरान कुछ लोगों के बीच विवाद हुआ था। पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। कुछ संगठन के लोग गरबा कार्यक्रम में पहुंचे थे, जहां उनके बीच विवाद हुआ।
पुलिस के अनुसार घटनाक्रम की वास्तविक परिस्थितियों और विवाद में शामिल लोगों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए आयोजन स्थल के सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। इसके साथ ही घटना से संबंधित अन्य साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। घटना में शामिल व्यक्तियों की पहचान और उनकी भूमिका स्पष्ट होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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