अगरतला , अक्टूबर 17 -- त्योहारी सीजन के दौरान प्याज की उपलब्धता बढ़ाने और कीमतों को नियंत्रित करने के प्रयास को लेकर उपभोक्ता मामले विभाग ने त्रिपुरा में रेल वितरण नेटवर्क की शुरुआत की है और इसके तहत नयी रेल सेवा 'कांदा एक्सप्रेस' शुरू की है , जो लगभग 440 टन प्याज लेकर अगरतला आ रही है।
राज्य के नागरिक आपूर्ति मंत्री सुशांत चौधरी ने शनिवार को यह जानकारी दी। केंद्र के मूल्य स्थिरीकरण कोष के सहयोग से आयोजित यह खेप रविवार तक अगरतला पहुंचने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करना, स्थानीय बाजारों में प्याज का स्टॉक बढ़ाना और व्यस्त त्योहारी सीजन के दौरान उपभोक्ताओं को उचित दरों पर यह आवश्यक वस्तु उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि त्रिपुरा के लिए कांदा एक्सप्रेस की शुरुआत पूरे पूर्वोत्तर में आवश्यक वस्तुओं के वितरण में सुधार लाने की केंद्र सरकार की चल रही पहल में एक बड़ी उपलब्धि है।
श्री चौधरी ने कहा कि समर्पित रेल सेवा का उपयोग करके असम में बफर प्याज की सफल आपूर्ति के बाद, इस नवीनतम पहल के जरिए त्रिपुरा को रेल परिवहन का लाभ मिला है, जिससे राज्य में महत्वपूर्ण खाद्य सामग्री पहुँचाने का एक अतिरिक्त मार्ग तैयार हो गया है। इस व्यवस्था से त्रिपुरा के आठ में से सात जिलों-धलाई, दक्षिण त्रिपुरा, खोवाई, उनाकोटी, पश्चिम त्रिपुरा, गोमती और सिपाहीजाला के उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। उन्होंने दावा किया कि सड़क वितरण के साथ रेल परिवहन को जोड़कर सरकार का लक्ष्य प्रमुख खपत वाले क्षेत्रों में प्याज की आपूर्ति के प्रवाह को तेज करना और वितरण दक्षता में सुधार करना है।
श्री चौधरी ने यह भी उल्लेख किया कि नयी खरीफ फसल के बाजार में आने से देशभर में प्याज की थोक कीमतों में गिरावट के संकेत मिल रहे हैं। देश की मंडियों में औसत मूल्य सितंबर के लगभग 3,600 रुपये प्रति क्विंटल से घटकर अक्टूबर में लगभग 3,300 रुपये प्रति क्विंटल पर आ गया है, जो थोक दरों में कमी को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि अगरतला में कांदा एक्सप्रेस की पहली खेप के पहुंचने से त्रिपुरा में प्याज की उपलब्धता और बेहतर होगी।
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