नयी दिल्ली , मई 30 -- भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो का कड़ा संज्ञान लेते हुए लोकमान्य तिलक टर्मिनस (एलटीटी) से एर्नाकुलम दुरुंतो एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 12223) में ऑनबोर्ड कैटरिंग सेवाओं के दौरान स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा मानकों के गंभीर उल्लंघन को लेकर इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) को नोटिस जारी किया है।

वायरल वीडियो में स्वच्छता के तमाम अनिवार्य मानकों की धज्जियां उड़ती नजर आ रही हैं। इसमें ट्रेन के भीतर ऑनबोर्ड कैटरिंग सेवाओं के लिए तैनात कैटरिंग कर्मचारियों अथवा संविदा कर्मियों को ट्रेन के शौचालय के अंदर भोजन के बर्तन धोते दिखाया गया है। प्राधिकरण के अनुसार यह कृत्य बेहद चिंताजनक है और खाद्य सुरक्षा मानकों का गंभीर उल्लंघन है। इस प्रकार की लापरवाही से न केवल सार्वजनिक स्वास्थ्य को गंभीर खतरा पैदा हो सकता है, बल्कि रेलवे कैटरिंग सेवाओं के प्रति उपभोक्ताओं का विश्वास भी बुरी तरह प्रभावित होता है।

एफएसएसएआई ने इस नोटिस के जरिये आईआरसीटीसी से वीडियो में दिखायी गयी घटना के संबंध में तत्काल तथ्यात्मक टिप्पणियां और स्पष्टीकरण पेश करने को कहा है। इसके साथ ही यह सूचित करने का निर्देश दिया है कि क्या उक्त ट्रेन में कैटरिंग सेवाएं किसी ठेकेदार या लाइसेंसधारी के माध्यम से संचालित की जा रही थीं? यदि हां, तो वैध एफएसएसएआई लाइसेंस नंबर सहित उसका पूरा विवरण प्रदान किया जाए।

प्राधिकरण ने इस मामले में तुरंत उठाये गये सुधारात्मक कदमों और उल्लंघन के लिए जिम्मेदार संबंधित ठेकेदार या कर्मचारियों के खिलाफ शुरू की गयी कार्रवाई का विवरण भी मांगा है। एफएसएसएआई ने यह भी स्पष्ट करने को कहा है कि क्या कैटरिंग कार्यों में लगे खाद्य संचालकों अथवा कर्मचारियों ने 'खाद्य सुरक्षा प्रशिक्षण और प्रमाणन' प्रशिक्षण प्राप्त किया है और उस प्रशिक्षण की श्रेणी तथा वैधता सहित पूरा विवरण दिया जाए।

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