सुलतानपुर , सितंबर 08 -- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल ने मंगलवार को कहा कि दुनिया की समस्याओं का हल भारत के जीवन दर्शन में छिपा है। आज डेढ़ लाख स्वयंसेवक सेवा बस्तियों में जाकर सेवा का काम कर रहे हैं। कुल 40 संगठन शिक्षा, सेवा, मजदूरों और जरूरतमंदों के लिए काम कर रहे हैं। संघ का उद्देश्य समाज के हर क्षेत्र में देशभक्ति की भावना जगाना और उसे मजबूत करना है।

सुलतानपुर नगर स्थित पंडित राम नरेश त्रिपाठी सभागार में संघ के 100 वर्ष पूरे होने पर शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों की कड़ी में आयोजित एक जन गोष्ठी में डॉ. कृष्ण गोपाल ने बताया कि यह विचार 1925 में डॉ. हेडगेवार के मन में आया था। उन्होंने कहा कि हम सभी इस देश के नागरिक होने के नाते एक हैं। हजारों साल पहले से ही हम सब एक ही पूर्वजों की संतानें हैं। इसी एकता की भावना के साथ डॉ. हेडगेवार ने 1925 में नागपुर में एक शाखा शुरू की थी। धीरे-धीरे इसका विस्तार होता गया।

उन्होंने बताया कि संघ की शाखाओं में बिना किसी भेदभाव के हर जाति और बिरादरी के लोग आने लगे। शाखाओं के जरिए ऐसे स्वयंसेवक तैयार हुए, जो हिंदू समाज और देश की तरक्की के लिए अपना सब कुछ न्योछावर करने को तैयार हैं। शाखाओं में भारत के महापुरुषों पर चर्चा होती रही, जिससे यह भावना और मजबूत हुई।

डॉ. कृष्ण गोपाल ने कहाकि हिंदू की परिभाषा बताते हुए कहा कि जो सबको साथ लेकर चलता है, सबके विचारों का सम्मान करता है और गंगा की तरह सबको अपने में समाहित करने की क्षमता रखता है, वही हिंदू है। हिंदू दर्शन सभी के कल्याण की कामना करता है और सभी मत-पंथों को साथ लेकर चलने की सीख देता है। यह इसकी मौलिक परंपरा है। संघ ने अपनी गतिविधियों के जरिए परिवार प्रबोधन पर भी ध्यान दिया है। वर्तमान पीढ़ी को परिवार के महत्व से परिचित कराकर उन्हें परिवार में रहना सिखाया है।

इस अवसर पर प्रांत के सह बौद्धिक शिक्षण प्रमुख महेश सिंह, विभाग प्रचारक श्रीप्रकाश , जिला प्रचारक देवदत्त, विभाग संघचालक डॉ. अरुण कुमार सिंह, विभाग के अधिकारी विभाग कार्यवाह नवीन, सह जिला संघ चालक अजय गुप्त, सह नगर संघ चालक राम स्वारथ वर्मा, नगर संघचालक सुदीप पाल सिंह, कार्यक्रम के संयोजक डाक्टर पवन सिंह, डॉ॰ विनोद सिंह, डॉ राधाकृष्ण, रवीन्द्र प्रकाश सिंह राकेश मणि त्रिपाठी, डॉ पवनेश, सहित विभिन्न गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

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