मदुरै , मार्च 01 -- दीपम प्रज्जवलन विवाद के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को मदुरै स्थित तिरुपरंकुंद्रम पहाड़ी पर बने प्रसिद्ध अरुलमिगु सुब्रमण्यम स्वामी मंदिर में दर्शन किए। हाल ही में कार्तिगई दीपम प्रज्जवलन विवाद लेकर यह स्थल पूरे देश का ध्यान आकर्षित कर चुका है।

राज्य की सत्तारूढ़ द्रमुक सरकार द्वारा कानून-व्यवस्था और शांति बनाए रखने का हवाला देते हुए, अदालत के आदेश के बावजूद दीपम प्रज्जवलन की अनुमति नहीं देने पर भाजपा और विभिन्न हिंदू संगठनों के साथ तनाव की स्थिति पैदा हो गई थी।

प्रधानमंत्री ने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत आठ पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन करने तथा विभिन्न रेल और सड़क परियोजनाओं की आधारशिला रखने के बाद मंदिर पहुंचकर विशेष पूजा-अर्चना की। मंदिर के पुजारियों ने पारंपरिक सम्मान के साथ उनका स्वागत किया। भाजपा ने कहा कि प्रधानमंत्री की यह यात्रा "धार्मिक सौहार्द को बढ़ावा देने वाली" है।

उल्लेखनीय है कि मद्रास उच्च न्यायालय की मदुरै पीठ के न्यायमूर्ति जी.आर. स्वामीनाथन ने दीपम जलाने की अनुमति दी थी, लेकिन पुलिस और जिला प्रशासन ने संभावित साम्प्रदायिक तनाव का हवाला देते हुए इसे लागू नहीं किया और निषेधाज्ञा लगा दी। इसके खिलाफ अवमानना याचिका दायर की गई, जिससे भाजपा और अन्य हिंदू संगठनों तथा पुलिस के बीच तीखी बहस हुई और कुछ नेताओं को गिरफ्तार भी किया गया।

बाद में मद्रास उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने एक आदेश में कार्तिगई दीपम को तिरुपरंकुंद्रम पहाड़ी के पत्थर के स्तंभ (दीपथून) पर जलाने की अनुमति को बरकरार रखा। यह स्तंभ मदुरै स्थित सिकंदर बद्दूशा अवुलिया दरगाह के समीप स्थित है। अदालत ने राज्य सरकार की कानून-व्यवस्था संबंधी आशंकाओं को निराधार बताया।

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