नयी दिल्ली , फरवरी 03 -- इंडिगो तथा दूसरी विमान सेवा कंपनियों की रद्द उड़ानों से दिसंबर 2025 में 10.47 लाख यात्री प्रभावित हुए जिन्हें मुआवजा देने तथा अन्य सुविधाओं पर विमान सेवा कंपनियों ने 24.28 करोड़ रुपये की राशि खर्च की।
नागर विमानन महानिदेशालय के मंगलवार को जारी आंकडों के अनुसार, दिसंबर में रद्द उड़ानों से 10,46,552 यात्री और उड़ानों में दो घंटे से अधिक की देरी से 8,34,453 यात्री प्रभावित हुए। इनके मुआवजे, खान-पान, ठहरने, रिफंड और वैकल्पिक उड़ानों की व्यवस्था पर विमान सेवा कंपनियों ने क्रमशः 24.28 करोड़ और 4.50 करोड़ रुपये खर्च किये। इसके अलावा टिकट होने के बावजूद 2,050 यात्रियों को बोर्डिंग से रोका गया और उनके मुआवजे तथा अन्य सुविधाओं पर 2.09 करोड़ रुपये खर्च किये गये।
हर रोज 2,300 के करीब उड़ानों का संचालन करने वाली इंडिगो की दिसंबर में 9.65 प्रतिशत उड़ानें रद्द रहीं जिससे 9,82,072 यात्री प्रभावित हुए। इन यात्रियों को वैकल्पिक उड़ानों में जगह दी गयी या रिफंड दिया गया जिस पर कंपनी ने 22.75 करोड़ रुपये खर्च किये। इसके अलावा इंडिगो की दो घंटे से अधिक देरी वाली उड़ानों से भी 6,39,714 यात्री प्रभावित हुए एयरलाइंस ने उन्हें खाने-पीने की सुविधा उपलब्ध करायी।
उल्लेखनीय है कि दिसंबर 2025 के पहले सप्ताह में इंडिगो ने हजारों की संख्या में उड़ानें रद्द कीं। साथ ही बड़ी संख्या में उड़ानों में देरी भी हुई। पायलटों की ड्यूटी संबंधी नये नियमों के अनुरूप रोस्टर प्रबंध न कर पाने के कारण यह संकट पैदा हुआ था।
डीजीसीए के आंकड़ों में कहा गया है कि एयर इंडिया समूह (एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस) की 3.28 प्रतिशत उड़ानें रद्द रहीं जिससे 43,278 यात्री प्रभावित हुए। उनके खान-पान ठहरने, वैकल्पिक उड़ान, रिफंड आदि पर कंपनी ने 74.61 लाख रुपये खर्चे। समूह ने 1,578 यात्रियों को टिकट होने के बावजूद बोर्डिंग से मना किया और उनके लिए वैकल्पिक उड़ान, ठहरने की व्यवस्था और खान-पान पर 1.63 करोड़ रुपये खर्च किये। उसकी दो घंटे से अधिक की देरी से रवाना होने वाली उड़ानों से 1,17,200 यात्री प्रभावित हुए जिनके खान-पान आदि पर कंपनी ने 2.87 करोड़ रुपये खर्च किये।
रद्द उड़ानों के कारण स्पाइसजेट के भी 11,929 यात्री प्रभावित हुए जिनके खान-पान, ठहरने, वैकल्पिक उड़ानों की व्यवस्था आदि पर एयरलाइन ने 40.09 लाख रुपये खर्च किये। साथ ही, उसकी दो घंटे से अधिक की देरी वाली उड़ानों के कारण 33,647 यात्री प्रभावित हुए जिनके खान-पान, वैकल्पिक उड़ान आदि पर 76.95 लाख रुपये खर्च किये गये।
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