रांची , अगस्त 04 -- झारखंड आंदोलन के महानायक, आदिवासी अस्मिता के प्रतीक तथा जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए आजीवन संघर्ष करने वाले दिशुम गुरु शिबू सोरेन की पहली पुण्यतिथि पर बरियातू स्थित वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं लोहरदगा विधायक डॉ. रामेश्वर उरांव के आवास पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने दिशुम गुरु के चित्र पर माल्यार्पण, दीप प्रज्ज्वलित कर तथा पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष सह लोहरदगा विधायक डॉ रामेश्वर उरांव के साथ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव आलोक कुमार दूबे,प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ राजेश गुप्ता, मुख्य प्रवक्ता लाल किशोर नाथ शाहदेव, राजीव रंजन प्रसाद, आदित्य विक्रम जायसवाल, डॉ. तौसीफ, रोहित उरांव, फिरोज रिजवी मुन्ना, सुरेन राम, गौरव सिंह, मेंहुल दूबे, सन्नी कुमार, अनिल सिंह, रोशन लिंडा सहित बड़ी संख्या में उपस्थित कांग्रेस जनों ने श्रद्धा सुमन अर्पित किया, शिबू सोरेन अमर रहे जब तक सूरज चांद रहेगा दिशुम गुरु तेरा नाम रहेगा के नारे लगाए एवं सभी ने दिशुम गुरु के आदर्शों पर चलने का संकल्प लेते हुए उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए डॉ. रामेश्वर उरांव ने कहा कि उनकी पहली मुलाकात दिशुम गुरु शिबू सोरेन से 30 जून 1976 को आपातकाल के दौरान सिद्धू-कान्हू के गांव में हुई थी। वहीं से दोनों के बीच आत्मीय संबंध और मित्रता का सूत्रपात हुआ, जो जीवन के अंतिम समय तक कायम रहा।
उन्होंने कहा कि दिशुम गुरु ने 1973 में संगठन का निर्माण कर झारखंड आंदोलन को नई दिशा दी और झारखंड की पहचान को मजबूत किया। अनेक लोग समय के साथ अपने मूल उद्देश्य से भटक जाते हैं, लेकिन दिशुम गुरु अपने अंतिम समय तक झारखंड, आदिवासी अस्मिता तथा जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए संघर्षरत रहे। झारखंड राज्य के गठन तक उन्होंने अपने आंदोलन को कभी कमजोर नहीं पड़ने दिया। उनका जीवन और संघर्ष आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा।
प्रदेश कांग्रेस महासचिव आलोक कुमार दूबे ने कहा कि दिशुम गुरु शिबू सोरेन केवल एक राजनीतिक नेता नहीं, बल्कि झारखंड की अस्मिता, स्वाभिमान और जनसंघर्ष के प्रतीक थे। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन गरीबों, आदिवासियों, दलितों, वंचितों और शोषितों के अधिकारों की रक्षा के लिए समर्पित कर दिया। उनका त्याग, संघर्ष और जनसेवा सदैव प्रेरणा देती रहेगी। कांग्रेस पार्टी उनके दिखाए मार्ग पर चलते हुए सामाजिक न्याय, समानता और जनहित के लिए निरंतर संघर्ष करती रहेगी।
प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष डॉ. राजेश गुप्ता ने कहा कि दिशुम गुरु का व्यक्तित्व और कृतित्व झारखंड की आत्मा में सदैव जीवित रहेगा। उन्होंने झारखंडी पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित किया और अपने संघर्षों से करोड़ों लोगों को आत्मसम्मान का मार्ग दिखाया। उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।
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