मुंबई , जून 24 -- बॉम्बे उच्च न्यायालय की एक पीठ ने दिवंगत बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व प्रबंधक दिशा सालियान की 2020 में हुई मृत्यु की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग कर लिया है जिससे मामले की सुनवाई एक बार फिर टल गयी है।
न्यायमूर्ति सारंग कोतवाल और न्यायमूर्ति चव्हाण की पीठ के समक्ष बुधवार को जब दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान की याचिका सुनवाई के लिए सूचीबद्ध की गयी, तो न्यायाधीशों ने खुद को इस मामले से अलग कर लिया। अपनी याचिका में दिशा के पिता सतीश सालियान ने प्राथमिकी दर्ज करने और पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। उन्होंने अपनी बेटी के साथ दुष्कर्म, हत्या और इस पूरे मामले को दबाकर शिवसेना (यूबीटी) के युवा नेता आदित्य ठाकरे सहित कई प्रभावशाली लोगों को बचाने का आरोप लगाया है।
यह याचिका दायर होने के बाद से अब तक कई पीठ इस मामले से खुद को अलग कर चुकी हैं। इससे पहले मुख्य न्यायाधीश चंद्रशेखर और न्यायमूर्ति सुमन श्याम की पीठ ने 23 मार्च को इस मामले की सुनवाई की थी। उस सुनवाई के दौरान अदालत ने अंतिम रिपोर्ट दाखिल करने में देरी के लिए मुंबई पुलिस को कड़ी फटकार लगाई थी। पीठ ने कहा था, "रिपोर्ट दाखिल करने में देरी को किसी भी तरह सही नहीं ठहराया जा सकता।" इसके जवाब में पुलिस ने देरी का कारण पीड़ित परिवार द्वारा नये सबूतों के रूप में दी गई एक पेनड्राइव को बताया था।
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