चंडीगढ़ , नवंबर 02 -- चंडीगढ़ शहर में दिवाली के दौरान अस्थायी स्टॉल लगाने की अनुमति के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। जालसाजों ने नगर निगम की नकली पर्चियां तैयार कर वेंडरों से परमिशन फीस के नाम पर 3.50 लाख रुपये से अधिक की रकम वसूल ली। शुरुआती जांच में आठ से दस लोगों के गिरोह की संलिप्तता की आशंका जताई गई है। मामला सामने आने के बाद नगर निगम की शिकायत पर सेक्टर-17 थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
यह फर्जीवाड़ा सेक्टर-22 की मोबाइल मार्केट में जांच के दौरान सामने आया। नगर निगम के एन्फोर्समेंट अधिकारियों ने एक स्टॉल संचालक से अनुमति की रसीद मांगी तो उसने ऐसी पर्ची दिखाई, जो जांच में नकली निकली। इसके बाद सेक्टर-22ए, 22बी और 22सी सहित आसपास के बाजारों में जांच की गई। इस दौरान करीब 10 फर्जी पर्चियां सामने आईं।
जांच में पता चला कि आरोपियों ने वेंडरों से 3 हजार से लेकर 47 हजार रुपये तक वसूले थे। कुछ लोगों ने 15 से 19 दिनों तक स्टॉल लगाने के लिए भुगतान किया था। फर्जीवाड़े का दायरा सेक्टर-22 के अलावा कजहेड़ी, रामदरबार, बापूधाम, सेक्टर-29 और बुटेरला तक फैला होने की आशंका है। अधिकारियों के मुताबिक, कई वेंडरों का सामान भी जब्त किया गया है।
जांच के दौरान फर्जी पर्चियों में एक बड़ी गड़बड़ी सामने आई। सभी पर्चियों पर एक ही एप्लीकेशन नंबर दर्ज था, जबकि नगर निगम की असली ऑनलाइन रसीदों के नंबर अलग-अलग होते हैं। कुछ दस्तावेजों में अन्य तकनीकी खामियां भी मिलीं। इसी आधार पर फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित