पटना , जून 07 -- बिहार सरकार के पूर्व मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता मंगल पांडेय ने दिल्ली में होने वाली इंडिया गठबंधन की बैठक को विपक्षी एकता का खोखला नारा करार देते हुए कहा है कि यह गठबंधन आपसी अंतर्विरोधों और नेतृत्व संकट से जूझ रहा है। श्री पांडेय ने रविवार को बयान जारी कर कहा कि दिल्ली में इंडिया गठबंधन की एक और बैठक होने जा रही है, जिसमें तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी , कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे , कांग्रेस नेता राहुल गांधी तथा समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव सहित कई विपक्षी दलों के नेता शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल हर चुनाव से पहले एकता का दावा करते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर उनकी एकजुटता दिखाई नहीं देती।
भाजपा नेता ने कहा कि बैठक से पहले ही गठबंधन के कई सहयोगी दल कांग्रेस पर सहयोग नहीं करने का आरोप लगा चुके हैं। उन्होंने कहा कि शनिवार को मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव ने भी पत्र लिखकर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) कांग्रेस द्वारा झाराखंड में राज्यसभा उम्मीदवारों के नाम घोषित करने से नाराज है। वहीं द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (डीएमके) भी आठ जून को होने वाली बैठक में शामिल नहीं होगी।
श्री पांडेय ने कटाक्ष करते हुए कहा कि बिहार में कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल (राजद)और वामदल साथ हैं, जबकि केरल में कांग्रेस और वामदल आमने-सामने हैं। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव रहता है, वहीं उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के संबंध भी तनावपूर्ण रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को पहले अपने संगठन को मजबूत और एकजुट करना चाहिए।
श्री पांडेय ने कहा कि यहां दर्जन दल दर्जन प्रधानमंत्री पद के दावेदार हैं। चुनाव के समय सीट बंटवारे की बात आते ही यह गठबंधन धराशायी हो जाता है।
भाजपा नेता ने केंद्र सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले 11 वर्षों में मोदी सरकार ने 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला। आयुष्मान भारत से करोड़ों लोगों को पांच लाख तक का मुफ्त इलाज मिला। उज्ज्वला से करोड़ों माताओं-बहनों को धुएं से मुक्ति मिली। कोविड में दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान चलाया। जी-20 की सफल मेजबानी की। आज भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष इन उपलब्धियों पर चर्चा करने के बजाय केवल सरकार की आलोचना में लगा हुआ है।
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