श्रीनगर , अक्टूबर 09 -- श्रीनगर के युवाओं के एक समूह ने शुक्रवार को नयी दिल्ली के कनॉट प्लेस में कांग्रेस के विरोध-प्रदर्शन के दौरान श्रीनगर के निवासी फहीम नज़ीर शाह पर कथित हमले के खिलाफ श्रीनगर में विरोध-प्रदर्शन किया और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।
कांग्रेस के ख़िलाफ़ नारे लगाते और प्लेकार्ड लिए हुए प्रदर्शनकारियों ने शहर के केंद्र तक मार्च करने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के समर्थक शाह के साथ गुरुवार को कथित रूप से मारपीट की गई। वह कांग्रेस के विरोध-प्रदर्शन वाली जगह पर "प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से माफ़ी मांगो" लिखा हुआ प्लेकार्ड लेकर पहुंचे थे और नारे लगा रहे थे। इस घटना की भाजपा सहित अन्य लोगों ने निंदा की।
श्रीनगर में प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाया कि शाह को उनके राजनीतिक विचार व्यक्त करने के लिए निशाना क्यों बनाया गया और इस बात पर ज़ोर दिया कि हर नागरिक को बिना हिंसा के डर के अपनी राय रखने का अधिकार है।
एक प्रदर्शनकारी ने कहा, "क्या कश्मीरी या मुस्लिम होना उसकी गलती थी, या प्रधानमंत्री के समर्थन में आवाज़ उठाना?" उन्होंने मांग की कि कश्मीरी लोग जहां भी जाएं, उनका सम्मान और सुरक्षा की जानी चाहिए।
एक और प्रदर्शनकारी ने कहा कि यह प्रदर्शन शाह के प्रति एकजुटता दिखाने और उन्हें न्याय दिलाने के लिए आयोजित किया गया। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री और दिल्ली के अधिकारियों से ज़िम्मेदार लोगों के ख़िलाफ़ सख़्त कानूनी कार्रवाई करने की अपील की।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनका प्रदर्शन किसी भी राजनीतिक पार्टी से जुड़ा हुआ नहीं है; उन्होंने इसे कथित हमले के खिलाफ़ स्थानीय युवाओं की सामूहिक प्रतिक्रिया बताया।
भाजपा की जम्मू-कश्मीर इकाई ने इस घटना को लेकर श्रीनगर स्थित अपने दफ़्तर में विरोध-प्रदर्शन करने की घोषणा की थी लेकिन बाद में इसे अगली सूचना तक टाल दिया गया। इस मुद्दे पर भाजपा प्रवक्ताओं की प्रस्तावित प्रेस कॉन्फ्रेंस भी रद्द कर दी गई।
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