नयी दिल्ली , मई 11 -- दिल्ली के बाहरी जिला पुलिस ने फर्जी पुलिस अधिकारियों के एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिन्होंने कथित तौर पर यहां के पुलिसकर्मी बनकर राजस्थान के एक व्यक्ति से पैसे ठगे।
बाहरी जिला पुलिस उपायुक्त विक्रम सिंह ने बताया कि विनय उर्फ मोंटी और कुलदीप सहित दो आरोपियों को एक नाबालिग के साथ हरियाणा से गिरफ्तार किया गया है जबकि 33.50 लाख रुपये नकद, दो मोबाइल फोन, एक बैग और अपराध में इस्तेमाल की गई एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है। आरोपियों ने पीतमपुरा के पास शिकायतकर्ता को पुलिस अधिकारी होने का नाटक करते हुए रोका, बैग की जांच के बहाने उससे नकदी छीन ली और बाद में मोटरसाइकिल से फरार हो गए।
उन्होंने बताया कि कई पुलिस टीमों ने सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया और तकनीकी निगरानी की, जिसके बाद हरियाणा के सोनीपत जिले के गोहाना में आरोपियों का पता लगाया गया।
उन्होंने बताया कि राजस्थान का निवासी शिकायतकर्ता एक दोस्त के साथ अपने नियोक्ता की ओर से नकदी पहुंचाने दिल्ली आया था। वर्धमान प्लाजा बस स्टैंड के पास एक ऑटो से उतरने के बाद तरुण एन्क्लेव के पास गुजरते समय दो लोगों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर उन्हें रोका और उनसे पूछताछ करने के बाद उनका बैग छीन लिया।
जांच के दौरान शिकायतकर्ता ने बाद में पुलिस को बताया कि बैग में वास्तव में 50 लाख रुपये नकद थे। तकनीकी इनपुट और गुप्त सूचना के आधार पर, पुलिस टीमों ने छापेमारी की और 10 मई को आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित