अलवर , अक्टूबर 11 -- राजस्थान में दिल्ली में प्रस्तावित कांग्रेस के बड़े प्रदर्शन को लेकर राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने कहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष एवं लोक सभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन के आह्वान पर राजस्थान सहित पूरे देश से कांग्रेस कार्यकर्ता, सांसद और विधायक प्रदर्शनमें शामिल होने दिल्ली पहुंचेंगे।
श्री जूली ने रविवार को यहां आरोप लगाया कि सरकार लोगों को प्रदर्शन में शामिल होने से रोक रही है और इस तरह लोकतंत्र में अपनी बात रखने के अधिकार को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे पर चुनाव आयोग से सवालों का जवाब देने की मांग की।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रवक्ताओं से जवाब नहीं चाहिए, बल्कि चुनाव आयोग को एक स्वतंत्र संस्था के रूप में अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर उठाये गये सवालों और उच्चतम न्यायालय की टिप्पणियों पर आयोग को जवाब देना चाहिए।
दिल्ली में आवाजाही और प्रदर्शनकारियों को रोकने की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि पूरे शहर में लोगों को परेशान किया जा रहा है। सरकार एक ओर आपातकाल की चर्चा करती है, जबकि दूसरी ओर विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे लोगों की आवाजाही पर रोक लगाई जा रही है।
श्री जूली ने हाल के अन्य प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए भी प्रदर्शनकारियों के साथ दुर्व्यवहार, मारपीट और गिरफ्तारियों के आरोप लगाए।
राजस्थान विधानसभा में विपक्ष के नेता ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा, "हम सब लोग जाएंगे, हम देखेंगे कितने लोगों को रोकेंगे। इनकी जेलें छोटी पड़ जाएंगी। कांग्रेस के बब्बर शेर हैं, सारे कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि।"श्री जूली के इस बयान से दिल्ली में होने वाले कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर सियासी टकराव तेज होने के संकेत हैं। कांग्रेस जहां एसआईआर के मुद्दे पर चुनाव आयोग से जवाब मांग रही है, वहीं जूली ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के कथित प्रयासों को लोकतांत्रिक अधिकारों पर अंकुश लगाने की कोशिश बताया है।
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