नयी दिल्ली , फरवरी 09 -- दिल्ली सरकार के औषधि नियंत्रण विभाग ने सोमवार को कैंसर रोधी दवाओं की निगरानी मजबूत करने और रोगियों की सुरक्षा के लिए पूरे दिल्ली में एक विशेष निरीक्षण अभियान चलाया।
अभियान के तहत, विभाग की कई टीमों ने शहर के प्रमुख क्षेत्रों में कैंसर रोधी दवाओं का कारोबार करने वाले 25 खुदरा और थोक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। यह निरीक्षण मुख्य रूप से पूर्वी, दक्षिणी, पश्चिमी और उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के प्रमुख अस्पताल समूहों और दवा बाजारों के आसपास केंद्रित था। लक्ष्मी नगर, यूसुफ सराय, ग्रीन पार्क, ओखला औद्योगिक क्षेत्र, पश्चिम विहार, द्वारका और रोहिणी जैसे क्षेत्रों में निरीक्षण किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि छह फर्मों को औषधि और सौंदर्य प्रसाधन नियमावली के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए पाया गया। इसके बाद, निर्धारित मानदंडों के अनुसार उनके खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
विभाग ने रोगियों को आपूर्ति की जा रही दवाओं की गुणवत्ता की पुष्टि करने के लिए कैंसर रोधी दवाओं के 33 कानूनी नमूने (लीगल सैंपल) और 22 खास नमूने (स्पेशिमेन सैंपल) एकत्र किए, ताकि प्रयोगशाला में इनकी व्यापक जांच की जा सके। बाजार में किसी भी घटिया या नकली दवाओं के प्रसार को रोकने के लिए प्रयोगशाला के परिणामों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने कहा कि कैंसर रोधी दवाएं अत्यंत महत्वपूर्ण और जीवन रक्षक होती हैं और उनकी गुणवत्ता में किसी भी तरह का समझौता रोगी की सुरक्षा के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए आपूर्ति श्रृंखला की निगरानी तेज कर दी गई है कि केवल सुरक्षित, प्रभावी और मानकों के अनुरूप दवाएं ही अस्पतालों, दवाखानों और रोगियों तक पहुंचें।
उन्होंने दोहराया कि सरकार नकली या घटिया दवाओं, विशेष रूप से कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाओं के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाती है। उन्होंने कहा कि रोगियों की सुरक्षा के लिए निरंतर निरीक्षण और नियमित निगरानी प्राथमिकता बनी रहेगी।
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