नयी दिल्ली , अक्टूबर 19 -- दिल्ली परिवहन विभाग ने राजधानी में ई-रिक्शा की संख्या को 2.5 लाख तक सीमित करने और इसके साथ ही 'ई-रिक्शा अनुपालन प्रमाण पत्र' लेने को अनिवार्य करने का प्रस्ताव पारित किया है।

योजना लागू होने के बाद बिना रजिस्ट्रेशन के चलने वाले ई-रिक्शा को जब्त कर लिया जाएगा और उन्हें नष्ट कर दिया जाएगा। 'दिल्ली ई-रिक्शा (पंजीकरण और संचालन) योजना, 2026' का मसौदा 18 अक्टूबर को एक सर्कुलर के जरिए सार्वजनिक परामर्श के लिए जारी किया गया है। इसमें हितधारकों और आम जनता से 30 दिनों के भीतर अपनी राय देने को कहा गया है।

ये प्रस्ताव अभी लागू नहीं हुए हैं। यह योजना सरकारी राजपत्र में प्रकाशित होने के बाद लागू होगी और प्रारंभिक तौर पर पांच साल तक प्रभावी रहेगी, बशर्ते इसमें कोई बदलाव न किया जाए। इसे आगे न बढ़ाया जाए या पहले ही वापस न ले लिया जाए। इस मसौदा के अनुसार पहले से रजिस्टर्ड ई-रिक्शा मालिकों को योजना लागू होने की तारीख से 90 दिनों के भीतर (या विभाग द्वारा तय की गई अतिरिक्त समय-सीमा के अंदर) 'ई-रिक्शा अनुपालन प्रमाण पत्र' (ईसीसी) लेना होगा।

यह समय-सीमा खत्म होने के बाद ई-रिक्शा की संख्या की सीमा (2.5 लाख) लागू हो जाएगी। इससे पहले से रजिस्टर्ड वाहनों को प्रमाण पत्र लेने की प्रक्रिया पूरी करने का मौका मिलेगा। जिन वाहनों के पास वैध ईसीसी होगा, उन्हें इस सीमा (2.5 लाख की संख्या) में गिना जाएगा। सरकार समय-समय पर इस सीमा की समीक्षा भी कर सकती है।

डिजिटल रूप से जारी किया गया हर प्रमाण पत्र दो साल के लिए वैध होगा, बशर्ते उसे पहले निलंबित या रद्द न किया जाए। एक प्रमाण पत्र एक वाहन और एक अधिकृत ड्राइवर से जुड़ा होगा। एक ड्राइविंग लाइसेंस का इस्तेमाल एक समय में केवल एक ही वैध ईसीसी के लिए किया जा सकेगा।

योजना लागू होने के बाद बिना रजिस्ट्रेशन के चलते पाए जाने वाले ई-रिक्शा को तुरंत जब्त कर लिया जाएगा।

मसौदा में कहा गया है कि एक बार जब्त किए जाने के बाद बिना रजिस्ट्रेशन वाले ई-रिक्शा को किसी भी स्थिति में वापस नहीं छोड़ा जाएगा। ऐसे वाहनों को तय नियमों के तहत नष्ट कर दिया जाएगा और उनकी नीलामी की जाएगी। वहीं इनकी बैटरियों को निपटान के लिए रजिस्टर्ड रीसाइकलर्स को नीलाम कर दिया जाएगा।

अगर कोई रजिस्टर्ड ई-रिक्शा, तय समय-सीमा खत्म होने के बाद बिना वैध ईसीसी के चलता पाया जाता है, तो उसे भी जब्त कर लिया जाएगा। इसे वापस पाने के लिए मालिक को प्रमाण पत्र लेना होगा और तय जुर्माना भरना होगा। अगर वाहन जब्त होने के 15 दिनों के भीतर ईसीसी नहीं लिया जाता है, तो कानून के अनुसार उसे नष्ट करने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।

ई-रिक्शा के मालिक का दिल्ली का निवासी होना जरूरी है और एक व्यक्ति अधिकतम पांच ई-रिक्शा का मालिक हो सकता है। पात्र इकाइयां अधिकतम 100 वाहन रख सकती हैं और अपना 25वां वाहन रजिस्टर करने के एक महीने के भीतर उन्हें एग्रीगेटर लाइसेंस लेना होगा। ड्राइवरों के पास ई-रिक्शा चलाने का वैध लाइसेंस और लोक सेवा वाहन बैज होना जरूरी है।

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