नयी दिल्ली , मार्च 11 -- दिल्ली सरकार ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय राजधानी में एलपीजी., पेट्रोल, डीजल और पीएनजी की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और किसी प्रकार की कमी नहीं है।
सरकार ने लोगों से अपील की है कि गैस आपूर्ति को लेकर फैल रही अफवाहों पर ध्यान न दें और अनावश्यक घबराहट या भंडारण से बचें।
दिल्ली के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बुधवार को खाद्य, आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग, दिल्ली पुलिस, राजस्व विभाग, इन्द्रप्रस्थ गैस लिमिटेड और विभिन्न तेल विपणन कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की गई। बैठक में मध्य-पूर्व एशिया में उत्पन्न युद्ध जैसी परिस्थितियों के कारण एलपीजी गैस की आपूर्ति बाधित होने संबंधी फैल रही अफवाहों की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में इन्द्रप्रस्थ गैस लिमिटेड के अधिकारियों ने बताया कि भारत सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने नौ मार्च को एक आदेश जारी किया है। इस आदेश में प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिए घरेलू (डोमेस्टिक) पी.एन.जी. और सी.एन.जी. की आपूर्ति, उसके उचित और समान वितरण और उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। दिल्ली में घरेलू उपयोग के लिए पी.एन.जी. की कोई कमी नहीं है। साथ ही प्राथमिकताओं का पुनः निर्धारण करते हुए औद्योगिक क्षेत्रों में भी लगभग 80 प्रतिशत तक निर्बाध गैस आपूर्ति को नियमित कर दिया गया है।
तेल विपणन कंपनियों के अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली में पेट्रोल, डीजल और घरेलू एल.पी.जी. गैस की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और कंपनियों के पास पर्याप्त भंडार मौजूद है। तेल और गैस की सप्लाई पहले की तरह लगातार मिल रही है। गैस सिलेंडर की बुकिंग अवधि 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दी गई है, लेकिन बुकिंग के बाद औसतन 2 से 3 दिनों के भीतर सिलेंडर उपभोक्ताओं के घर तक पहुंचाया जा रहा है।
बैठक में यह भी बताया गया कि कमर्शियल गैस सिलेंडरों की आपूर्ति के लिए तेल विपणन कंपनियों द्वारा कुछ दिशा-निर्देश निर्धारित किए गए हैं, जिनके तहत शैक्षणिक संस्थानों और अस्पतालों को प्राथमिकता दी जा रही है। कमर्शियल गैस की आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने के लिए ऑयल कंपनियां लगातार प्रयासरत हैं।
सरकार ने यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि गैस की किसी भी प्रकार की चोरी या कालाबाजारी पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। इस उद्देश्य से दिल्ली पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारियों को विशेष रूप से सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
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