नयी दिल्ली , अक्टूबर 19 -- दिल्ली प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अनुसूचित जाति/जनजाति मोर्चा ने सोमवार को कांग्रेस कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनकारियों ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के पूर्व प्रोफेसर अंगामचा विमोल अकोइजम पर लगे यौन उत्पीड़न को लेकर कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदेश महामंत्री योगिता सिंह के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शन में मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं मोर्चा प्रभारी रंजीत सिंह, भाजपा नेता अशोक ठाकुर, अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सी एल मीणा, सह प्रभारी एस टी मोर्चा सुंदर सिंह चौधरी सहित अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए।

प्रदर्शनकारियों को संबोधन के दौरान श्रीमती सिंह ने कहा कि कांग्रेस एक तरफ महिलाओं के सम्मान और अधिकारों की बड़ी-बड़ी बातें करती है, लेकिन जब उसके खुद के सांसद पर छात्राओं द्वारा गंभीर आरोप लगाया जाता है और विश्वविद्यालय की आंतरिक समिति दोषी पाती है, तो वह चुप्पी साध लेती हैं। यह कांग्रेस के दोहरे चरित्र को उजागर करती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को महिला सुरक्षा पर उपदेश देने से पहले अपने नेताओं और सांसदों से जुड़े मामलों पर जवाब देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस की राजनीति में महिलाओं के सम्मान की बातें केवल भाषणों और संवाददाता सम्मेलनों तक सीमित दिखाई देती हैं। उन्होंने कहा कि 11 छात्राओं की शिकायतों और आंतरिक समिति के निष्कर्षों के बाद भी यदि कांग्रेस अपने सांसद से जुड़े इस मामले पर चुप रहती है, तो यह कांग्रेस की कथित महिला हितैषी राजनीति की वास्तविकता को सामने लाता है।

श्री मीणा ने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर छात्राओं के लिए शिक्षा और सुरक्षित वातावरण का स्थान होना चाहिए, न कि ऐसा स्थान जहां किसी भी छात्रा को अपनी गरिमा और सुरक्षा को लेकर भय महसूस हो। उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा पर राजनीति करने वाली कांग्रेस को इस मामले में नैतिक जिम्मेदारी से भागने के बजाय स्पष्ट जवाब देना चाहिए।

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