दिल्ली , मार्च 24 -- दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1,03,700 करोड़ रुपये का वार्षिक बजट पेश किया।

इस वर्ष का बजट पिछले वर्ष के 1,00,000 करोड़ रुपये के बजट की तुलना में बड़ा है। मुख्यमंत्री ने इसे शहर के सर्वांगीण विकास और आर्थिक प्रगति को गति देने वाला बजट करार दिया है।

बजट की सबसे बड़ी विशेषता इसका 'ग्रीन अप्रोच' या पर्यावरण अनुकूल दृष्टिकोण अपनाना है। मुख्यमंत्री ने प्रदूषण नियंत्रण और पर्यावरण सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए बजट का 21 प्रतिशत हिस्सा विशेष रूप से 'ग्रीन बजट' की पहलों के लिए आवंटित किया है। उन्होंने कहा कि हर नीति बनाते समय पर्यावरण पर उसके प्रभाव का गहराई से आकलन किया गया है।

शहर के बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने के लिए पूंजीगत व्यय को बढ़ाकर कुल बजट का 29.7 प्रतिशत कर दिया गया है। मुख्यमंत्री के अनुसार, सड़कों, पुलों और सार्वजनिक सुविधाओं के विस्तार से न केवल दिल्ली का चेहरा बदलेगा, बल्कि इससे रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

वित्त वर्ष 2026-27 के लिए दिल्ली सरकार ने स्वयं के करों से 74,000 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाने का लक्ष्य रखा है। इसमें जीएसटी से 43,500 करोड़, वैट से 8,500 करोड़, स्टाम्प एवं पंजीकरण शुल्क से 11,000 करोड़ और राज्य उत्पाद शुल्क से 7,200 करोड़ रुपये मिलने का अनुमान जताया गया है।

शहर की गुणवत्ता में सुधार के लिए लोक निर्माण विभाग को 5,921 करोड़ रुपये और शहरी विकास एवं आवास विभाग को 7,887 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इस राशि का उपयोग मुख्य रूप से सड़कों के जीर्णोद्धार, जल निकासी व्यवस्था में सुधार और सुरक्षित कॉरिडोर्स के निर्माण के लिए किया जाएगा।

दिल्ली में शहरी आवाजाही को सुगम बनाने के लिए 'दिल्ली एकीकृत महानगर परिवहन प्राधिकरण' के गठन का प्रस्ताव रखा गया है। इसके लिए बजट में 5 करोड़ रुपये का प्रारंभिक प्रावधान किया गया है। सरकार का लक्ष्य दिल्ली में ऐसी कनेक्टिविटी प्रदान करना है जो तकनीकी रूप से सुरक्षित और सुव्यवस्थित हो।

दिल्ली के इस बजट को केंद्र सरकार से भी विभिन्न योजनाओं के जरिए समर्थन मिलेगा। इसमें 'राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन' के तहत 1,500 करोड़ रुपये, केंद्रीय सड़क निधि से 591 करोड़ रुपये और गृह मंत्रालय से सामान्य केंद्रीय सहायता के रूप में लगभग 968 करोड़ रुपये प्राप्त होने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री ने बजट भाषण के दौरान पूर्ववर्ती सरकारों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले भ्रष्टाचार और 'मुफ्तखोरी की संस्कृति' के कारण दिल्ली की आर्थिक विकास दर धीमी पड़ गई थी। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार बुनियादी ढांचे में निवेश कर स्थायी विकास सुनिश्चित कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली अब 'ट्रिपल इंजन' सरकार की शक्ति के साथ तेजी से आगे बढ़ रही है। उनके अनुसार, शासन अब केवल सिस्टम चलाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह नागरिकों का विश्वास जीतने के बारे में है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी नीतियां केवल कागजी घोषणाएं नहीं हैं, बल्कि जमीन पर परिणाम दे रही हैं।

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