नयी दिल्ली , जून 23 -- दिल्ली पुलिस ने उत्तरी दिल्ली के सराय रोहिल्ला इलाके में ज़खीरा फ्लाईओवर के पास 10 जून को हुई 1.5 करोड़ रुपये की हथियारबंद लूट के मामले में छह लोगों को गिरफ़्तार किया है और दो नाबालिगों को हिरासत में लिया है।
पुलिस उपायुक्त (उत्तर) राजा बंथिया ने बताया कि आरोपियों की पहचान विक्की उर्फ गांजा, धीर सिंह, वीरेश उर्फ वीरू, करण, मनप्रीत उर्फ ट्विंकल और चरणजीत सिंह के रूप में हुई है। अपराध में इस्तेमाल की गयी मोटरसाइकिल एवं स्कूटी उपलब्ध कराने के आरोप में दो नाबालिगों को भी हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने 1,01,50,000 रुपये नकद बरामद किये हैं और लूट में इस्तेमाल की गयी मोटरसाइकिल एवं स्कूटी को ज़ब्त किया है।
उन्होंने बताया कि बंदूक की नोक पर हुई इस सनसनीखेज लूट की गुत्थी सराय रोहिल्ला पुलिस स्टेशन, उत्तरी जिला विशेष कर्मी और अपराध शाखा की टीमों के मिले-जुले अभियान से सुलझाई गयी। इसके लिए दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब और जम्मू-कश्मीर में 11 दिनों तक सघन अंतर-राज्यीय तलाश अभियान चलाया गया। लूट गयी नकद राशि में से 1.015 करोड़ रुपये बरामद कर लिए गये हैं और अपराध में शामिल सभी साजिशकर्ताओं की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।
पुलिस के अनुसार, शिकायत करने वाले नितिन और उनके साथी करण स्कूटर पर करीब 1.5 करोड़ रुपये नकद लेकर जा रहे थे तभी ज़खीरा फ्लाईओवर के पास लाल मोटरसाइकिल पर सवार दो हथियारबंद हमलावरों ने उन्हें रोक लिया। आरोपियों में से एक ने पिस्तौल दिखाई और नकदी से भरे दो बैग लूटकर मौके से फरार हो गए। जांच के दौरान, पुलिस ने लगभग 500 सीसीटीवी कैमरों की जांच की और आरोपियों की गतिविधियों का पता लगाया। जांचकर्ताओं को पता चला कि लुटेरों ने पीड़ितों का पीछा पश्चिम विहार से ही शुरू कर दिया था और लूट को अंजाम देने व भागने के लिए कई गाड़ियों का इस्तेमाल किया जिनमें एक मोटरसाइकिल, एक स्कूटी और एक मारुति स्विफ्ट कार शामिल थी।
पुलिस को यह कामयाबी तब मिली जब उन्होंने अपराध में इस्तेमाल हुई स्कूटी की पहचान की। 19 जून को दो नाबालिगों को हिरासत में लिया जिसके बाद जांचकर्ताओं ने वीरेश का पता लगाया और उसे 20 जून को गिरफ्तार किया। उससे पूछताछ के बाद पुलिस मनप्रीत और करण तक पहुंची जो लुट के समय शिकायतकर्ता के साथ था। पूछताछ में मनप्रीत के पिता चरणजीत सिंह की भूमिका का पता चला जिन्हें 21 जून को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने वीरेश, करण और चरणजीत से 49.5 लाख रुपये बरामद किए।
इसके बाद जांचकर्ताओं ने अपराध में इस्तेमाल की गई मारुति स्विफ्ट कार के माध्यम से दो मुख्य आरोपियों, विक्की और धीर सिंह की पहचान की। गिरफ्तारी से बचने के लिए ये दोनों दिल्ली से भाग गये थे और कई राज्यों से होकर गुज़रे थे। लगातार पीछा करने के बाद पुलिस ने उन्हें ढूंढ निकाला और 22 जून को जम्मू से दिल्ली लौटने पर गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से 52 लाख रूपये बरामद किये गये।
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