नयी दिल्ली , अगस्त 09 -- दिल्ली पुलिस ने पुलिसिंग को और ज्यादा नागरिक-अनुकूल बनाने के उद्देय से शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी में अपना साप्ताहिक 'थाना दिवस-जनसुनवाई' कार्यक्रम आयोजित किया और चार घंटे के दौरान मिली सभी 368 शिकायतों एवं समस्याओं का समाधान किया।
दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू के निर्देशों पर जून में शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य पुलिस को लोगों के करीब लाना और यह पक्का करना है कि किसी भी शिकायत को अनसुना न किया जाए। यह आउटरीच प्रोग्राम पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार की देखरेख में आगे बढ़ाया जा रहा है।
शनिवार को, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने सभी ज़िलों के पुलिस स्टेशनों का दौरा किया और सुबह 10 बजे से दोपहर दो बजे के बीच स्थानीय लोगों से बातचीत की। लोगों ने कई तरह की चिंताएं एवं सुझाव सामने रखे, जिनमें महिलाओं की सुरक्षा, ट्रैफ़िक की समस्या, खोए हुए दस्तावेज़, पुलिस वेरिफिकेशन में देरी, पड़ोसियों के झगड़ों में मदद की गुहार और पेट्रोलिंग को बेहतर बनाने के सुझाव शामिल थे।
अधिकारियों ने हर मामले को व्यक्तिगत रूप से सुना, मौके पर ही एसएचओ और बीट कर्मचारियों को निर्देश दिए और समस्याओं के तुरंत समाधान के लिए आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की। पुलिस के अनुसार, चार घंटे चली सुनवाई के दौरान मिली सभी 368 शिकायतों का निपटारा किया गया।
दक्षिण दिल्ली के एक पुलिस स्टेशन में मौजूद डीसीपी ने कहा, "अब लोगों को एक ऑफ़िस से दूसरे ऑफ़िस भागने की आवश्यकता नहीं है। वे अपने इलाक़े के थाने आते हैं, वरिष्ठ अधिकारियों से मिलते हैं और उसी दिन की समस्या को सुना जाता है।"अब राष्ट्रीय राजधानी के हर पुलिस स्टेशन में हर शनिवार को खुली जन-सुनवाई होती है। लोग बिना किसी पहले से लिए गए अपॉइंटमेंट के वहां जाकर अपनी शिकायतें बता सकते हैं, सुझाव दे सकते हैं, मदद मांग सकते हैं या पुलिस के कामकाज और जन-सुरक्षा पर अपनी राय दे सकते हैं।
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी से देरी कम करने, पुलिस स्टेशन के स्तर पर जवाबदेही मज़बूत करने और नागरिकों को उनकी शिकायतों के समाधान के समय-सीमा के बारे में ज़्यादा स्पष्टता देने में मदद मिली है।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह प्रणाली बार-बार सामने आने वाली स्थानीय समस्याओं की पहचान करने में भी मदद कर रहा है। इनमें कम रोशनी वाली जगहों पर अतिरिक्त लाइट लगाने से लेकर पीसीआर वैन की गश्त बढ़ाने की ज़रूरत वाली जगहें शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी समस्याओं का समाधान सक्रियता से किया जा रहा है।
जून में शुरू होने के बाद से, यह कार्यक्रम लोगों तक पहुंचने का एक अहम माध्यम बन गया है। स्थानीय निवासी, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन और बुज़ुर्ग, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से सीधे संपर्क की सुविधा विशेष रूप से स्वागत कर रहे हैं।
पुलिस के अनुसार, यह पहल हर शनिवार जारी रहेगी और शिकायत ट्रैकिंग व फ़ीडबैक प्रणाली को और बेहतर बनाने की कोशिशें की जाएंगी। पुलिस ने लोगों से इस माध्यम का ज़िम्मेदारी से इस्तेमाल करने और शांति-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस की मदद करने की अपील भी की है।
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