नयी दिल्ली , फरवरी 06 -- दिल्ली पुलिस ने मानव तस्करी और वेश्यावृत्ति के संदिग्ध रैकेट पर बड़ी कार्रवाई करते हुए द्वारका में छापेमारी कर पांच नाबालिग लड़कियों सहित 11 पीड़ितों को मुक्त कराया है।

पुलिस के अनुसार, यह अभियान 'एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन' (एवीए) द्वारा दी गई सटीक जानकारी के आधार पर दक्षिण-पश्चिम जिले के डाबरी थाना पुलिस द्वारा चलाया गया। उन्होंने बताया कि इस छापेमारी में आठ ग्राहकों और वेश्यालय चलाने के संदिग्ध दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। इस संबंध में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की प्रासंगिक धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

जांचकर्ताओं के अनुसार, बचाई गई लड़कियों को रोजगार और बेहतर आजीविका के झूठे वादे पर पश्चिम बंगाल, असम और उत्तर प्रदेश से तस्करी कर लाया गया था। एक अधिकारी ने कहा, "जिस घर से कथित तौर पर वेश्यालय चलाया जा रहा था, वह चारों तरफ से बंद था। परिसर में सात कुत्ते रखे गए थे, ताकि महिलाएं और लड़कियां भाग न सकें।"तलाशी के दौरान इस्तेमाल किए गए और बिना इस्तेमाल किए गए कंडोम के पैकेट बरामद किए गए। जांच के दौरान, एक नाबालिग लड़की अलमारी के अंदर छिपी हुई मिली। अधिकारी ने बताया, "बचाए जाने के समय वह काफी डरी और कांप रही थी।"काउंसलिंग के दौरान, पीड़ितों ने खुलासा किया कि उन्हें और अन्य को सख्त निगरानी में रखा गया था और उन्हें स्वतंत्र रूप से बाहर निकलने की अनुमति नहीं थी।

एवीए के पदाधिकारियों ने कहा कि उनकी टीम ने पुलिस को सचेत करने से पहले विस्तृत जांच की थी। टीम के सदस्य साक्ष्य जुटाने के लिए फर्जी ग्राहक बनकर गए और संदिग्ध दलालों से बातचीत की। इस दौरान, संभावित 'ग्राहकों' के साथ लड़कियों की तस्वीरें साझा की गईं, जिससे एक संगठित तस्करी और वेश्यावृत्ति रैकेट के अस्तित्व की पुष्टि हुई।

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