नयी दिल्ली , मई 08 -- दिल्ली पुलिस ने राजधानी के पश्चिमी जिले में सार्वजनिक पार्कों को नशा मुक्त और अपराध मुक्त बनाने के लिए 'विमुक्त' नामक एक बड़ी सामुदायिक पुलिसिंग पहल शुरू की है।
इस अभियान में स्थानीय निवासियों, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए), मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन (एमडब्ल्यूए) और 'पार्क मित्रों' की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है, जो पार्कों में होने वाली असामाजिक गतिविधियों की पहचान करने में पुलिस की मदद कर रहे हैं।
इस अभियान के तहत जिले के 265 पार्कों का विस्तृत सर्वेक्षण किया गया है, ताकि वहां के अंधेरे स्थानों, खराब रोशनी, टूटे हुए गेट और अनियंत्रित प्रवेश-निकास द्वारों जैसी कमियों की पहचान की जा सके। इन समस्याओं को दूर करने के लिए नागरिक एजेंसियों के साथ तालमेल बिठाकर काम किया जा रहा है।
पुलिस और जनता के बीच समन्वय को मजबूत करने के लिए हर थाने के अंतर्गत आने वाले दो पार्कों में प्रतिदिन शाम छह बजे से रात नौ बजे तक 'विमुक्त चौपाल' आयोजित की जा रही है। इन सत्रों के दौरान निवासी और पार्क मित्र नशीली दवाओं के दुरुपयोग, शराब के सेवन और संदिग्ध गतिविधियों से जुड़ी जानकारी साझा करते हैं, जिससे पुलिस को तुरंत कार्रवाई करने में मदद मिलती है।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, पिछले 15 दिनों में इस पहल के तहत 175 पार्कों का दौरा किया गया और सघन कार्रवाई की गई। इस दौरान 325 व्यक्तियों को एहतियातन हिरासत में लिया गया और 50 किशोरों को पकड़ा गया। पुलिस ने दिल्ली पुलिस अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत 5,000 से अधिक मामले दर्ज किए हैं और कई अन्य निवारक कार्रवाइयां की हैं।
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