नयी दिल्ली , जून 28 -- दिल्ली पुलिस ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों और एक लाइव कॉन्सर्ट के साथ अपने 'नशा मुक्त भारत पखवाड़ा-2026' अभियान का समापन किया है। इस सार्वजनिक जागरूकता कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खतरों के बारे में लोगों को जागरूक करना था।
इस कार्यक्रम में केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, दिल्ली पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा, विशेष पुलिस आयुक्त (अपराध) एच.जी.एस. धालीवाल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
दिल्ली पुलिस के अनुसार यह अभियान 26 जून को दुनिया भर में मनाए जाने वाले 'अंतर्राष्ट्रीय नशा निषेध और अवैध तस्करी विरोधी दिवस' के हिस्से के रूप में आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में दिल्ली पुलिस बैंड की प्रस्तुति, एक मूक अभिनय और प्रसिद्ध गायक मीका सिंह का संगीत कार्यक्रम शामिल था।
दिल्ली पुलिस ने बताया कि राजधानी में नशीली दवा तस्करी नेटवर्क को तोड़ने के लिए मई 2023 में शुरू किए गए 'ऑपरेशन कवच' के तहत नशीले पदार्थों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है।
आंकड़ों के मुताबिक साल 2025 के दौरान पुलिस ने एनडीपीएस अधिनियम के तहत 2,154 मामले दर्ज किये और 2,853 कथित नशीले पदार्थ तस्करों को गिरफ्तार किया। वहीं, एक जनवरी से 15 जून 2026 के बीच 1,418 एनडीपीएस मामले दर्ज कर 1,812 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा, पिटएनडीपीएस अधिनियम के तहत 14.99 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क की गई हैं।
पुलिस ने बताया कि 22 से 24 जून के बीच चलाए गए 'ऑपरेशन कवच' के ताजा चरण में 1,474 पुलिस टीमों ने सभी 15 पुलिस जिलों के 4,035 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इस कार्रवाई में 212 एनडीपीएस मामले दर्ज कर 255 मादक पदार्थ तस्करों को पकड़ा गया। साथ ही 'आर्म्स एक्ट' के तहत 315 मामले दर्ज कर 329 लोग गिरफ्तार किये गये और अवैध हथियार बरामद किये गये। अवैध शराब के खिलाफ भी आबकारी अधिनियम के तहत 398 मामले दर्ज कर 405 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
इस पखवाड़े के दौरान दिल्ली पुलिस ने स्कूलों, कॉलेजों, रिहायशी इलाकों और सार्वजनिक स्थानों पर नुक्कड़ नाटकों, पेंटिंग प्रदर्शनियों, जागरूकता वाहनों और सामुदायिक पहुंच कार्यक्रमों के जरिए अभियान चलाया। समापन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने दिल्ली पुलिस के इस अभियान की सराहना की और साल 2027 तक दिल्ली को नशा मुक्त बनाने के सरकार के लक्ष्य को दोहराया।
उन्होंने नागरिकों, विशेषकर माता-पिता और युवाओं से इन प्रयासों में सक्रिय रूप से भाग लेने की अपील की तथा नशीली दवाओं से जुड़ी गतिविधियों की सूचना देने के लिए 'मानस' पोर्टल का उपयोग करने का आग्रह किया।
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