नयी दिल्ली , अक्टूबर 14 -- आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं और मतदाताओं के नाम हटाये जाने के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस पर दुर्व्यवहार तथा अत्यधिक बल प्रयोग करने का आरोप लगाया है।
श्री सिंह ने बुधवार को कहा कि इस संबंध में राज्यसभा की विशेषाधिकार समिति के सभापति हरिवंश नारायण सिंह को पत्र लिखकर पूरक नोटिस दिया है। उन्होंने कहा कि सांसदों के साथ बर्बरतापूर्ण व्यवहार किया गया है। उन्होंने कहा कि वह पुलिस आयुक्त, जाफरपुर कलां के थाना प्रभारी और अन्य संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ साक्ष्य समिति के सामने पेश करेंगे।
उन्होंने अपने पत्र में कहा कि दो और 10 अक्टूबर को हुई घटनाओं के संबंध में पहले भी नोटिस दिया गया था, लेकिन 12 अक्टूबर को उनके साथ फिर दुर्व्यवहार किया गया। उनके मुताबिक जनपथ मेट्रो स्टेशन और संसद मार्ग-जंतर-मंतर क्षेत्र के आसपास शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल होने के दौरान पुलिसकर्मियों ने उनके साथ धक्का-मुक्की की, उन्हें घसीटा और जबरन पुलिस बस में बैठाकर हिरासत में लिया। उन्होंने इन घटनाओं को आक्रामक और अपमानजनक बताते हुए कहा कि पहले शिकायतें दिए जाने के बावजूद इस तरह का व्यवहार जारी रहा।
आप सांसद ने आरोप लगाया कि 11 दिनों के भीतर इस प्रकार की तीसरी घटना हुई है। उन्होंने कहा कि घटनाओं के दौरान उन्होंने दिल्ली पुलिस आयुक्त से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनकी कॉल का जवाब नहीं मिला और न ही संदेश का उत्तर दिया गया। श्री सिंह ने समिति से आग्रह किया कि उनके पूरक नोटिस को रिकॉर्ड पर लिया जाये, 12 अक्टूबर की घटना सहित पूर्व की घटनाओं पर पुलिस आयुक्त से विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा जाये और वीडियो तथा तस्वीरों में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाये।
उन्होंने कहा कि सांसदों के साथ बार-बार होने वाले ऐसे व्यवहार को सामान्य पुलिस कार्रवाई बताकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और पुलिस आयुक्त को अपने अधीनस्थ अधिकारियों के आचरण के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। आप सांसद ने यह भी कहा कि वह कथित दुर्व्यवहार के लिए जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ अदालत के माध्यम से प्राथमिकी दर्ज कराने का प्रयास करेंगे। उन्होंने संसद की गरिमा और सदस्यों के विशेषाधिकारों की रक्षा के लिए समिति से जल्द हस्तक्षेप करने की मांग की।
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