लखनऊ , मार्च 15 -- उत्तर प्रदेश पुलिस उपनिरीक्षक (दरोगा) भर्ती परीक्षा के दौरान लखनऊ के परीक्षा केंद्रों पर रविवार को दिलचस्प और अनोखे दृश्य देखने को मिले। एक ओर जहां साइबर फ्रॉड के मामले में दिल्ली की सेंट्रल जेल में निरुद्ध एक कैदी पुलिस की निगरानी में परीक्षा देने लखनऊ पहुंचा, वहीं दूसरी ओर दो महिला सिपाही नवजात बच्चों को गोद में लेकर परीक्षा ड्यूटी करती नजर आईं।

जानकारी के अनुसार, प्रयागराज निवासी अंकित त्रिपाठी साइबर फ्रॉड के आरोप में दिल्ली सेंट्रल जेल में बंद है। अदालत की अनुमति के बाद दिल्ली पुलिस उसे लखनऊ लेकर आई और यहां यूपी पुलिस को सुपुर्द कर दिया गया। इसके बाद यूपी पुलिस की गाड़ी से उसे मोहनलालगंज स्थित काशीश्वर इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र पर लाया गया। पुलिस ने बंदी को परीक्षा केंद्र का गेट बंद होने से करीब 75 मिनट पहले ही पहुंचा दिया।

उधर, इसी परीक्षा केंद्र पर ड्यूटी कर रहीं दो महिला सिपाही अपने नवजात बच्चों को साथ लेकर पहुंचीं। ड्यूटी के दौरान वे बच्चों को गोद में संभालते हुए अपनी जिम्मेदारी निभाती दिखीं। दूसरे दिन पहली पाली का पेपर देकर निकले अभ्यर्थियों ने बताया कि प्रश्नपत्र काफी आसान था। बाराबंकी से आए अभ्यर्थी सुरेश ने कहा कि मैथ्स और रीजनिंग के प्रश्न बहुत सरल थे। वहीं कानपुर से आए अखिलेश ने बताया कि पेपर आसान होने से इस बार कटऑफ ज्यादा जाने की संभावना है।

गौरतलब है कि लखनऊ में दरोगा भर्ती परीक्षा के लिए कुल 54 स्कूल और कॉलेजों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जा रही है। प्रशासन के अनुसार प्रत्येक पाली में 22,080 अभ्यर्थियों को परीक्षा देनी थी। पहले दिन 44,160 में से 32,212 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी।

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