नयी दिल्ली , फरवरी 28 -- दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को कहा कि सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर और विश्वस्तरीय बनाने के लिए पूरी गंभीरता से मिशन मोड में काम कर रही है।
श्रीमती गुप्ता ने आज यहां गुरु तेग बहादुर (जीटीबी) अस्पताल में 10 बेड के नए मेडिकल आईसीयू वार्ड के साथ एकीकृत आयुष स्ट्रेस मैनेजमेंट प्रोग्राम का शुभारंभ किया। इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने इंस्टीट्यूट ऑफ ह्यूमन बिहेवियर एंड एलाइड साइंसेज (इहबास) में अत्याधुनिक ओपीडी भवन का शिलान्यास भी किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में स्वास्थ्य, शिक्षा और व्यापार सहित हर क्षेत्र में तेजी से विकास हो रहा है। सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर और विश्वस्तरीय बनाने के लिए पूरी गंभीरता से मिशन मोड में काम कर रही है। जीटीबी अस्पताल में शुरू की गई नई मेडिकल आईसीयू अत्याधुनिक मशीनों और उन्नत सुविधाओं से सुसज्जित है, जिससे गंभीर मरीजों को समय पर बेहतर इलाज मिल सकेगा। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सकों की सराहना करते हुए कहा कि सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध संसाधनों का सही उपयोग हजारों मरीजों का जीवन बचा सकता है।
उन्होंने बताया कि आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में तनाव साइलेंट एपिडेमिक बन चुका है, जिससे विद्यार्थी, कामकाजी वर्ग, बुजुर्ग और प्रोफेशनल सभी प्रभावित हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए दिल्ली सरकार ने एकीकृत आयुष स्ट्रेस मैनेजमेंट ओपीडी शुरू करने का निर्णय लिया है, जो आयुर्वेदिक एवं यूनानी तिब्बिया कॉलेज, नेहरू होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज, बी.आर. सूर कॉलेज, ब्रह्म प्रकाश आयुर्वेद संस्थान और आईएचबीएएस में संचालित की जाएगी। यहां योग, लाइफस्टाइल काउंसलिंग और डिजिटल डिटॉक्स जैसे उपायों के माध्यम से माइंड-बॉडी बैलेंस पर काम किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जीटीबी अस्पताल की लगभग 1,500 बेड की क्षमता को और सुदृढ़ करने के लिए पिछली सरकार के समय अधूरी छोड़ी गई पीछे की बिल्डिंग के निर्माण कार्य को जल्द ही दोबारा शुरू किया जाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन नई सुविधाओं से पूर्वी दिल्ली सहित पूरे एनसीआर क्षेत्र के लाखों लोगों को बेहतर, त्वरित और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध होगा तथा दिल्ली का स्वास्थ्य तंत्र और अधिक सशक्त बनेगा।
इसी तरह, इहबास को मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में देश और उत्तर भारत का एक प्रमुख केंद्र बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए आधुनिक ओपीडी भवन की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। नए भवन के निर्माण से मरीजों को लंबी प्रतीक्षा से राहत मिलेगी और परामर्श, जांच और उपचार की पूरी प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और सुगम हो सकेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नए ओपीडी भवन के निर्माण से आईएचबीएएस की कार्यक्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को नई गति मिलेगी, जिससे दिल्ली सहित एनसीआर क्षेत्र के लाखों लोगों को लाभ होगा।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित