अमृतसर , अक्टूबर 26 -- दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सोमवार को अहमदाबाद में आयोजित साबरमती अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेले के दौरान सिख नेता एवं स्वतंत्रता सेनानी सरदार तेजा सिंह समुद्री के जीवन और योगदान पर गुजराती भाषा में प्रकाशित पुस्तक का संयुक्त रूप से विमोचन किया। राष्ट्रीय पुस्तक न्यास ने गुजरात सरकार के सहयोग से इस पुस्तक का प्रकाशन किया है।
यहां जारी एक बयान में श्री संधू ने कहा कि सरदार तेजा सिंह समुद्री के योगदान को गुजराती भाषा में प्रस्तुत करना राष्ट्रीय स्तर पर उनके ऐतिहासिक योगदान को सम्मान देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि तेजा सिंह समुद्री का गुरुद्वारा सुधार लहर और देश के स्वतंत्रता संग्राम में अहम योगदान रहा। उन्होंने शिक्षा के प्रसार, समाज के लोकतांत्रिक विकास तथा महिलाओं, युवाओं और दलित समुदाय के सशक्तीकरण के लिए भी काम किया। उन्होंने कहा कि अमृतसर स्थित श्री दरबार साहिब परिसर में तेजा सिंह समुद्री हॉल उनके दादा की स्मृति और पंथ के प्रति उनकी सेवाओं का प्रतीक है।
उन्होंने गुरुद्वारा सुधार लहर के दौरान सिख समुदाय की ओर से चाबियों का मोर्चा जीतने को ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन में सिख समुदाय की कुर्बानियों और महात्मा गांधी तथा मदन मोहन मालवीय जैसे राष्ट्रीय नेताओं के साथ उसके ऐतिहासिक संबंधों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है।
दिल्ली लौटने से पहले श्री संधू ने अहमदाबाद स्थित गोविंद धाम गुरुद्वारा साहिब में माथा टेका और संगत के साथ अहमदाबाद, गुजरात, दिल्ली तथा पूरे देश की शांति, खुशहाली और प्रगति के लिए अरदास की। उन्होंने कहा कि गुरु साहिबान का 'वंड छको और सेवा करो' का संदेश सेवा, साझेदारी और सामाजिक सद्भाव की प्रेरणा देता है।
श्री संधू ने गुजरात में सिख समुदाय की खुशहाली पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए राज्य की निरंतर प्रगति और देश में आपसी सद्भाव बनाए रखने की कामना की। उन्होंने अहमदाबाद दौरे के दौरान सहयोग देने वाले नवल किशोर, दीपिंदर सिंह औरश्री त्यागी तथा गोविंद धाम गुरुद्वारा साहिब की प्रबंधक समिति और संगत का आभार जताया।
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