श्रीनगर , जुलाई 11 -- नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने शनिवार को केंद्र सरकार पर जम्मू-कश्मीर से किए गये वादों को पूरा न करने का आरोप लगाते हुए कहा कि नयी दिल्ली और केंद्र शासित प्रदेश के लोगों के बीच भरोसे की कमी और बढ़ गयी है।
नेशनल कॉन्फ्रेंस के संस्थापक शेख मोहम्मद अब्दुल्ला की पत्नी बेगम अकबर जहान अब्दुल्ला की पुण्यतिथि पर पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए श्री अब्दुल्ला ने कहा कि पार्टी लोकतांत्रिक तरीकों से न्याय की मांग करती रहेगी। उन्होंने कहा, "शुरुआत से ही मुश्किलें थीं, लेकिन ये मुश्किलें दूर हो जाएंगी। वह (अल्लाह) हमारी परीक्षा लेते हैं कि हमारा विश्वास कितना मजबूत है। हमें डरना क्यों चाहिए?" पूर्व प्रधानमंत्री पी.वी. नरसिम्हा राव सहित कई प्रधानमंत्रियों के साथ अपनी बातचीत का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर को बार-बार आश्वासन दिए गए, लेकिन वे पूरे नहीं हुये।
उन्होंने कहा, "मुझे याद है जब श्री नरसिम्हा राव का शासन था... उन्होंने कहा था, 'आसमान ही सीमा है' (यानी कोई सीमा नहीं है)। लेकिन हमने कब आज़ादी मांगी? हम देश का हिस्सा हैं और हम देश के उस हिस्से को मज़बूत करना चाहते हैं। हम उसे कमज़ोर नहीं करना चाहते।"उन्होंने अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा बुलाई गयी सर्वदलीय बैठक का भी ज़िक्र किया और कहा कि उन्होंने नयी दिल्ली और कश्मीर के बीच भरोसे की कमी की बात खुलकर कही थी।
श्री अब्दुल्ला ने कहा, "मैंने उनसे कहा... दुर्भाग्य से हम आप पर भरोसा नहीं करते और आप हम पर भरोसा नहीं करते। पहले, आइए हम आपस में भरोसा कायम करें। प्रधानमंत्री ने कहा था कि दिल्ली और कश्मीर के बीच की दूरी खत्म कर दी जाएगी। क्या अब तक ऐसा हुआ है? उन्होंने इसे खत्म करने की जितनी कोशिश की, यह उतनी ही बढ़ती गयी।"उन्होंने कहा, "हम भी इंसान हैं। हम भारत का ताज हैं। हमारा अपना सम्मान है। उस सम्मान को बहाल करने के लिए हम शांतिपूर्ण ढंग से अपील करते हैं।" उन्होंने जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक विरोधियों पर भी निशाना साधा, कुछ नेताओं पर दिल्ली के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया और उनसे 'गुलामी छोड़ने' और जम्मू-कश्मीर के लोगों के साथ खड़े होने की अपील की।
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