नयी दिल्ली , अगस्त 31 -- दिल्ली में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के तहत सोमवार को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी कर दी गयी, जिसमें 97.53 लाख मतदाताओं के नाम हैं, जबकि 47,56,722 नाम हटाये गये हैं।

दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से बताया गया है कि गणना चरण में कुल 1,45,10,299 मतदाताओं में से 97,53,577 ने गणना फॉर्म जमा किये, जो कुल मतदाताओं का 67.22 प्रतिशत है। घर-घर सत्यापन के दौरान 47,56,722 फॉर्म प्राप्त नहीं हो सके। इनमें 43,32,775 मतदाता अनुपस्थित, स्थानांतरित या अन्य श्रेणी में पाये गये, 2,82,412 मृत पाये गये और 1,41,535 मतदाता डुप्लीकेट या एक से अधिक स्थानों पर दर्ज मिले।

ड्राफ्ट मतदाता सूची में 49,88,993 पुरुष, 47,64,137 महिलाएं और 447 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। सूची में 18-19 वर्ष आयु वर्ग के 1,03,870 मतदाता, 85 वर्ष से अधिक उम्र के 40,871 और 100 वर्ष से अधिक उम्र के 189 मतदाता दर्ज हैं। विधानसभा क्षेत्रों में मटियाला में सबसे अधिक 3,33,057 मतदाता हैं, जबकि दिल्ली कैंट में सबसे कम 41,654 मतदाता हैं। मटियाला में 430 और दिल्ली कैंट में 90 मतदान स्टेशन हैं।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने बताया कि जो पात्र मतदाता गणना अवधि में फॉर्म जमा नहीं कर सके, उन्हें नाम शामिल कराने का एक और अवसर दिया गया है। इकतीस अगस्त से 30 सितंबर 2026 तक दावे और आपत्तियां दाखिल की जा सकती हैं। इसके लिए फार्म-6 के साथ निर्धारित शपथ फार्म जमा करना होगा। मतदाता फार्म-7 के जरिए गलत नाम शामिल किए जाने पर आपत्ति और फार्म-8 के जरिए पता या अन्य विवरण में सुधार के लिए आवेदन कर सकते हैं।

एसआईआर के तहत दिल्ली में पोलिंग स्टेशन की संख्या भी बढ़ायी गयी है। 1,500 मतदाताओं की सीमा घटाकर 1,200 किए जाने के बाद पोलिंग स्टेशनों की संख्या 13,033 से बढ़कर 14,947 हो गयी है। पोलिंग स्टेशन लोकेशन 2,696 से बढ़कर 2,856 हो गयी हैं। कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि किसी व्यक्ति का नाम ड्राफ्ट रोल से हटाने से पहले नोटिस, जांच और सुनवाई की प्रक्रिया पूरी करना जरूरी होगा। एसआईआर के कार्यक्रम के अनुसार चार नवंबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।

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