नयी दिल्ली , जून 29 -- सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने दिल्ली-एनसीआर में पुराने ट्रकों और बसों को बदलने की केंद्र सरकार की योजना के तहत वोल्वो आइशर कमर्शियल व्हीकल्स (वीईसीवी), फोर्स मोटर्स और पिनैकल मोबिलिटी सॉल्यूशंस के साथ सोमवार को समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किये।

मंत्रालय के अनुसार इलेक्ट्रिक वाहनों पर भी समान सकल वाहन भार (जीवीडब्ल्यू) वाले आंतरिक दहन इंजन (आईसीई) वाहनों के बराबर छूट मिलेगी। इसके तहत ये कंपनियां पात्र ट्रकों और बसों की एक्स-शोरूम कीमत पर आठ प्रतिशत की छूट देंगी।

इसके अलावा केंद्र सरकार पांच वर्षों तक पांच प्रतिशत ब्याज सब्सिडी और मासिक ईंधन वाउचर उपलब्ध करायेगी, जबकि योजना में शामिल राज्य सरकारें 10 वर्षों तक मोटर वाहन कर में 100 प्रतिशत तक तथा पंजीकरण शुल्क में छूट देंगी।

इससे पहले अशोक लेलैंड, स्विच मोबिलिटी, टाटा मोटर्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एसएमएल महिंद्रा और डेमलर इंडिया कमर्शियल व्हीकल्स (डीआईसीवी) भी इस योजना से जुड़ चुके हैं। अब योजना से जुड़े नौ ओईएम ट्रकों और बसों के बाजार में 95 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी का प्रतिनिधित्व करते हैं।

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