जयपुर , मई 07 -- राजस्थान की उपमुख्यमंत्री तथा पर्यटन, कला एवं संस्कृति मंत्री दिया कुमारी ने राज्य में पर्यटन विकास के लिए ढांचागत सुविधाओं का विकास शीघ्रता से किये जाने पर बल देते हुए पर्यटन विकास कार्यों को गति प्रदान करने के निर्देश दिये हैं।
श्रीमती दिया कुमारी ने उनकी अध्यक्षता में तथा शासन सचिव पर्यटन कला एवं संस्कृति शुचि त्यागी तथा पर्यटन आयुक्त रुक्मिणी रियाड़ की मौजूदगी में गुरुवार को शासन सचिवालय में विभागीय समीक्षा बैठक में यह निर्देश दिये।
उन्होंने कहा कि पर्यटकों के लिए सबसे पहली प्राथमिकता है कि उन्हें मूलभूत सुविधाएं सहज सुलभ हों। उन्होंने शेखावाटी की हवेलियों के संरक्षण और जीर्णोद्धार कार्य को गति प्रदान करने के साथ ही निर्देश दिये कि इस क्षेत्र में पर्यटन विकास की मूलभूत सुविधाओं का विकास प्राथमिकता से किया जाये। उन्होंने इसके साथ ही बावड़ियों संरक्षण कार्यों की प्रगति की जानकारी प्राप्त कर राज्य में चिह्नित बावड़ियों के जीर्णोद्धार कार्यों को विशेषज्ञ सलाहकार के पर्यवेक्षण में उनकी मूल वास्तुशैली के अनुरूप कार्य कराने के निर्देश दिये। उप मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक में एमआईसीई सेंटर सम्बन्ध में चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिये। उन्होंने एमआईसीई सेंटर, विद्याधर नगर के लिए जेडीए द्वारा पर्यटन विभाग के नाम पट्टा जारी के पश्चात इसके लिए जेडीए के सहयोग से आगे की कार्रवाई करने के निर्देश दिये।
उन्होंने पुष्कर विकास परियोजना की भी समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिये। अधिकारियों ने इस सम्बन्ध में अभी तक की प्रगति से अवगत कराया। उपमुख्यमंत्री ने पर्यटन ऐप की समीक्षा करते हुए इसे शीघ्रता से विकसित किये जाने के निर्देश दिये।
श्रीमती दिया कुमारी ने आरटीडीसी की परिसम्पत्तियों की स्थिति पर चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिए। अधिकारियों ने अवगत कराया कि विभागीय परामर्श दाता फर्म द्वारा एक स्टडी रिपोर्ट का प्रारूप उपलब्ध कराया गया है। इसी के साथ अवगत कराया गया कि जयपुर के चारदीवारी शहर में पर्यटन केंद्र पर टीएफसी के लिए नवीन निविदा की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।
उपमुख्यमंत्री ने आमेर लाइट एंड साउंड शो के लिए आवश्यक प्रक्रिया को गति प्रदान करने के निर्देश दिये। उन्होंने आमेर-नाहरगढ़ एवं आसपास का क्षेत्र के विकास प्रोजेक्ट को भी गति प्रदान करने को कहा। इसी प्रकार जल महल का विकास कार्य को भी गति प्रदान करने और आमेर मास्टर प्लान की डीपीआर पर चर्चा कर उन्होंने आवश्यक निर्देश दिये। उक्त परियोजना की लागत 50 करोड़ रुपये है, जिसमें से 11 करोड़ रुपये के कार्यों की विस्तृत रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी।
उन्होंने पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग की विभिन्न योजनाओं और कार्यो की समीक्षा की और शेखावाटी क्षेत्रमें ऐतिहासिक हवेलियों का जीर्णोद्धार को प्राथमिकता देने के निर्देश दिये। उन्होंने ऐतिहासिक हवेलियों स्थल पर हेरिटेज वॉक, हेरिटेज स्ट्रीट फर्नीचर और स्वच्छता एवं सफाई संबंधी सुविधाओं को शीघ्रता से किए जाने के निर्देश दिये।
उन्होंने जवाहरकला केन्द्र, रवीन्द्र मंच और भारतीय लोक कला मंडल में विकास कार्य के साथ ही बजट घोषणा अनुसार शिल्पग्राम में विकास कार्य के लिए आवश्यक प्रक्रिया को गति प्रदान करने के निर्देश दिये।
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