जयपुर , जुलाई 05 -- राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने रविवार को जयपुर स्थित राजकीय सम्प्रेषण एवं किशोर गृह, राजकीय बालिका गृह गांधी नगर तथा राजकीय शिशु गृह गांधी नगर का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
श्रीमती दिया कुमारी ने इस दौरान किशोरों के आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, सुरक्षा, कौशल विकास एवं पुनर्वास से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि प्रत्येक किशोर को सुरक्षित, संवेदनशील और सकारात्मक वातावरण मिले, ताकि वह शिक्षा, संस्कार और आत्मविश्वास के साथ अपने जीवन को नई दिशा दे सके।
उन्होंने बताया कि निरीक्षण के दौरान बाल गृहों की भवन संबंधी स्थिति का भी आकलन किया गया। जहां-जहां मरम्मत की आवश्यकता है, वहां शीघ्र कार्य कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार इन कार्यों को प्राथमिकता के साथ तेजी से आगे बढ़ा रही है। उन्होंने बच्चों के कौशल विकास पर विशेष जोर देते हुए कहा कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। साथ ही, स्कूल जाने योग्य बच्चों को विद्यालयों में प्रवेश दिलाने के प्रयास भी किए जा रहे हैं, ताकि उन्हें बेहतर शिक्षा मिल सके।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कोई संस्था या उद्योग समूह निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के माध्यम से बच्चों के विकास में सहयोग करना चाहता है तो सरकार उसका स्वागत करेगी। उन्होंने कहा कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में समाज की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बच्चों से भी संवाद किया।
उन्होंने बताया कि बच्चे खुश नजर आए और विभागीय अधिकारियों द्वारा किए जा रहे कार्यों की उन्होंने सराहना की। साथ ही जहां आवश्यक है वहां मरम्मत कार्य शीघ्र कराने के निर्देश दिए। अधिकारियों के साथ बैठक कर उन्होंने व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की तथा बच्चों की शिक्षा, कौशल विकास और पुनर्वास को लेकर भी चर्चा की।
इस अवसर पर मीडिया से बातचीत में आंगनबाड़ी केंद्रों के संबंध में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इनके सुदृढ़ीकरण के लिए गंभीरता से कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि पहली बार आंगनबाड़ी केंद्रों की मरम्मत के लिए अलग से बजट उपलब्ध कराया गया है। जर्जर भवनों में संचालित आंगनबाड़ियों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया है, जबकि मरम्मत योग्य केंद्रों में तेजी से कार्य कराया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि लंबे समय बाद इस स्तर पर आंगनबाड़ी केंद्रों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने का अभियान चलाया जा रहा है।
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