चेन्नई , जून 28 -- प्रसिद्ध फिल्म निर्माता एवं पटकथा लेखक के. भाग्यराज का रविवार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया और इस अवसर पर हजारों लोगों ने उन्हें नम आंखों से विदाई दी।

के. भाग्यराज का कल सुबह दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था। तिहतर वर्षीय निर्देशक, पटकथा लेखक, निर्माता, अभिनेता और संगीतकार को नुंगमबक्कम स्थित उनके आवास पर उनके पुत्र शांतनु ने पुष्पांजलि अपित की और बाद में पार्थिव शरीर को बेसंत नगर श्मशान घाट ले जाया गया, जहां 21 तोपों की सलामी और बिगुल की 'लास्ट पोस्ट' धुन के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। राज्य सरकार की ओर से मंत्रियों आनंद और राजमोहन ने श्मशान घाट पर श्री भाग्यराज के पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें सम्मान दिया। भाग्यराज की पटकथाओं पर बनी फिल्में कई भाषाओं में रीमेक के रूप में बनाई गईं और वे बेहद लोकप्रिय और सम्मानित फिल्म निर्माता थे। अंतिम संस्कार यात्रा में तमिल फिल्म जगत के लोगों सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।

भाग्यराज की ज़्यादातर फ़िल्में महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर आधारित थीं और उन्होंने बड़ी संख्या में महिला दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचा था, इसलिए उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए सड़कों के दोनों ओर महिलाओं समेत कई लोग जमा हुए। उन्होंने मोमबत्तियाँ और कपूर जलाकर उन्हें भावभीनी विदाई दी। एमजीआर ने उन्हें कला की दुनिया में अपना उत्तराधिकारी (कलई उलागा वारिसु) घोषित किया था।

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