बेंगलुरु , सितंबर 16 -- दिग्गज कन्नड़ अभिनेता अनंत नाग ने बुधवार को वर्ष 2024 के प्रतिष्ठित दादासाहेब फाल्के पुरस्कार के लिए चुने जाने पर खुशी और आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल उनके व्यक्तिगत योगदान की पहचान नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर कर्नाटक के योगदान के लिए भी सम्मान है।
पुरस्कार की घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए अनंत नाग ने कहा, ''मैं खुश हूं। सबसे पहले कर्नाटक को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है और कर्नाटक के फिल्म उद्योग में मेरे योगदान को भी सम्मान मिला है। मैं आभारी हूं और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद देता हूं।''दिग्गज अभिनेता ने कहा कि वह इस सम्मान के लिए आभारी हैं और देश के सर्वोच्च फिल्म सम्मान से नवाजे जाने पर उन्हें बधाई देने वाले सभी लोगों का धन्यवाद करते हैं।
पांच दशक से अधिक के फिल्मी करियर में 300 से अधिक फिल्मों में अभिनय कर चुके अनंत नाग ने कन्नड़ सिनेमा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने मुख्य अभिनेता के साथ-साथ सहायक भूमिकाओं में भी कई तरह के किरदार निभाये हैं। अपनी अलग-अलग तरह की भूमिकाओं के लिए पहचाने जाने वाले नाग ने व्यावसायिक और समानांतर सिनेमा दोनों में काम किया है। उन्होंने कन्नड़ के साथ-साथ देश की अन्य भाषाओं की फिल्मों में भी अभिनय किया है।
नाग फिल्मी करियर में कई प्रमुख फिल्म निर्देशकों के साथ काम करना और ऐसे किरदार निभाना शामिल है, जिन्होंने उन्हें भारतीय सिनेमा के लंबे समय तक याद रखे जाने वाले अभिनेताओं में स्थापित किया।
दादासाहेब फाल्के पुरस्कार भारतीय सिनेमा के विकास और प्रगति में उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया जाता है। यह सम्मान हर वर्ष राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के तहत प्रदान किया जाता है। पुरस्कार समारोह 22 सितंबर को आयोजित किया जाएगा।
अनंत नाग का दादासाहेब फाल्के पुरस्कार के लिए चयन कन्नड़ सिनेमा के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है। खुद दिग्गज अभिनेता ने इस सम्मान के व्यापक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा है कि इससे कर्नाटक और उसके फिल्म उद्योग को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है।
अनंत नाग का फिल्मी सफर कन्नड़ सिनेमा की कई पीढ़ियों से जुड़ा रहा है। करियर के शुरुआती दौर में मुख्य भूमिकाएं निभाने से लेकर बाद के वर्षों में जटिल किरदारों और सहायक भूमिकाओं तक, उन्होंने कन्नड़ फिल्मों में अपनी प्रभावशाली मौजूदगी लगातार बनाए रखी।
अनंत नाग ने 300 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया है। इससे उनके ऐसे लंबे करियर का पता चलता है, जिसमें उन्होंने अलग-अलग तरह की फिल्मों और कई पीढ़ियों के साथ काम किया। सिनेमा के अलावा उनका योगदान टेलीविजन और रंगमंच तक भी रहा है। टेलीविजन और थिएटर में उनके अभिनय ने अभिनय की दुनिया के साथ उनके लंबे जुड़ाव को और मजबूत किया है।
दादासाहेब फाल्के सम्मान के साथ अब देश के सबसे प्रतिष्ठित फिल्म सम्मानों में से एक भी उनकी लंबी उपलब्धियों की सूची में शामिल हो गया है।
कर्नाटक के फिल्म जगत के लिए यह सम्मान गर्व का क्षण है। वहीं, अनंत नाग के लिए यह उनके और कन्नड़ सिनेमा के भारतीय सिनेमा में दिए गए योगदान की राष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान है।
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