पटना , जुलाई 23 -- भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा)के राज्य सचिव रामनरेश पाण्डेय ने जमीन के दाखिल- खारिज के प्रत्येक आवेदन पर 200 रुपये शुल्क लगाने के राज्य सरकार के निर्णय की निंदा करते हुए इसे जनविरोधी कदम बताया है।श्री पाण्डेय ने आज बयान जारी कर कहा कि बिहार में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार बनते हीं जनता पर करों की बाढ़ आ गई है। उन्होंने कहा कि सरकार ने ग्रामीण क्षेत्र में प्रत्येक परिवार पर 60 से 5000 रुपये तक होल्डिंग टैक्स लगा दिया है तो स्टेट हाईवे एवं पुलों पर टोल टैक्स लेने का आदेश जारी किया है। अब दाखिल खारिज को लेकर 200 रूपये शुल्क के नाम पर नया टैक्स लगा दिया है। उन्होंने बिहार के राज्यपाल से जमीन के दाखिल खारिज के आवेदन पर शुल्क लगाने से संबंधित बिहार विधान मंडल से पारित विधेयक को नामंजूर करने की मांग की है।

भाकपा राज्य सचिव ने कहा कि बिहार में भाजपा की सरकार बनते ही राज्य की जनता पर तरह तरह का टैक्स लादे जा रहे है। बिहार में सबसे महंगा डीजल, पेट्रोल और एलपीजी मिलता है। बिजली भी महंगी मिलती है। उन्होंने कहा कि राज्य की जनता को कोई सुविधा नहीं मिल रही है। इसके बावजूद जनता पर नया-नया कर लगाया जा रहा है। जमीन के निबंधन के समय ही सरकार 08 से 10 फीसद शुल्क वसूलती है। अब दाखिल खारिज के आवदेन पर भी शुल्क लगा दिया गया है।

उन्होंने कहा कि दाखिल-खारिज आवेदन पर पूर्व की तरह कोई शुल्क नहीं लिया जाना चाहिए।

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