मुंबई , अप्रैल 29 -- हाल ही में तुर्की की राष्ट्रीय खुफिया एजेंसी और मुंबई पुलिस के संयुक्त अभियान में इस्तांबुल में हिरासत में लिए गए अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के सहयोगी एवं ड्रग सिंडिकेट के मुख्य सदस्य सलीम डोला को बुधवार शाम को यहां लाया गया।

आज सुबह नयी दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचने के बाद नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के अधिकारियों ने डोला को हिरासत में ले लिया और फिर शाम को उसे मुंबई लाया गया। फिलहाल वह एनसीबी की हिरासत में है और उससे कई ड्रग मामलों में उससे पूछताछ की जा रही है।

एनसीबी के सूत्रों ने बताया कि सांगली, मैसूर और तेलंगाना में ड्रग फैक्टरी मामलों के सिलसिले में पूछताछ के लिए डोला को मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंप दी जाएगी। इन मामलों में वह कथित मास्टरमाइंड के तौर पर सामने आया है। वह भारत में कई नशीले पदार्थों की तस्करी के मामलों में वांछित था और भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों से बचते हुए फरार चल रहा था।

पिछले कुछ वर्षों में डोला ने पश्चिम एशिया, अफ्रीका और यूरोप के कई देशों में फैला एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी का सिंडिकेट खड़ा कर लिया था। उसके दो दशक लंबे आपराधिक इतिहास में महाराष्ट्र और गुजरात में हेरोइन, चरस, मेफेड्रोन और मेथामफेटामाइन की बड़ी खेप पकड़े जाने से जुड़े मामलों में उसकी सीधी संलिप्तता शामिल है। उसकी भूमिका भारत में निचले स्तर के वितरण नेटवर्क के लिए एक थोक आपूर्तिकर्ता के रूप में लगातार सामने आती रही है। वह गुजरात एटीएसऔर मुंबई पुलिस द्वारा भी वांछित है।

इससे पहले डोला के बेटे ताहिल सलीम डोला और अन्य सहयोगियों को 2025 में यूएई से प्रत्यर्पण के बाद मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार किया था। डोला की भूमिका 2024 में तब सुर्खियों में आई, जब मुंबई क्राइम ब्रांच ने चार किलोग्राम मेफेड्रोन की जब्ती के मामले में जांच की। इस जांच में आपूर्ति श्रृंखला सांगली और सूरत से होते हुए यूएई और तुर्की तक पहुंची, जहां कथित तौर पर वह अपने सहयोगियों के माध्यम से इन ऑपरेशनों को निर्देशित करता था।

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