महराजगंज , अक्तूबर 22 -- उत्तर प्रदेश में महराजगंज जिले की एक अदालत ने विवाहिता की हत्या के आरोप में मृतका के पति समेत चार लोगों को दस-दस साल के कठोर कारावास की सजा सुनायी है।
घुघली थाना क्षेत्र के अमोढा गांव में दहेज की खातिर विवाहिता मंजू देवी की गला दबाकर हत्या करने के मामले में अदालत ने कड़ा रुख अपनाया है। जिला एवं सत्र न्यायालय, महराजगंज ने दोषसिद्ध पाते हुए मृतका के पति समेत चार अभियुक्तों को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास और 10,000-10,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अर्थदंड अदा न करने पर प्रत्येक अभियुक्त को 3-3 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वादी मुकदमा की बहन (मृतका मंजू देवी) को अभियुक्तगण लगातार दान-दहेज के लिए प्रताड़ित कर रहे थे। 9 नवंबर 2020 को अभियुक्तों द्वारा मारपीट करने और गला दबाकर उसकी हत्या कर दी गई थी। इस संबंध में थाना घुघली में मुकदमा दर्ज किया गया था।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज कुछ ही हफ्तों में यानी 30 दिसंबर 2020 को ही माननीय न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। न्यायालय द्वारा जिन चार अभियुक्तों को दोषी करार दिया गया है, उनमें शामिल हैं। रवि प्रताप (पुत्र परदेशी), परदेशी (पुत्र सुखलाल), कौशिल्या (पत्नी परदेशी), शकुन्तला (पत्नी जितेन्द्र), सभी निवासी ग्राम अमोढा, थाना घुघली, जनपद महराजगंज के हैं।
ऑपरेशन कविक्शन अभियान के तहत पुलिस और अभियोजन पक्ष की मजबूत पैरवी के कारण अपराधियों को सजा दिलाई जा सकी। इस मामले के सफल अनावरण और प्रभावी पैरवी में तत्कालीन क्षेत्राधिकारी सदर (विवेचक) राजू कुमार शाव, डीजीसी ब्रजेन्द्र नाथ त्रिपाठी, कोर्ट मुहर्रिर उनि भगवान राम तथा पैरोकार जितेन्द्र कुमार यादव की भूमिका महत्वपूर्ण रही।
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