अल्मोड़ा , अगस्त 07 -- कभी-कभी एक छोटा-सा सुराग वर्षों से बिछड़े रिश्तों को फिर से जोड़ देता है। अल्मोड़ा पुलिस की संवेदनशीलता और सूझबूझ ने ऐसा ही कर दिखाया।

करीब दस वर्षों से दर दर भटक रहे एक व्यक्ति को उसके परिवार से मिलाकर पुलिस ने एक बिछड़े परिवार की खुशियां लौटा दीं।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर घोड़के के अनुसार एक व्यक्ति पिछले लगभग दस वर्षों से ताड़ीखेत और मजखाली क्षेत्र में लंबे समय से इधर-उधर भटक रहा था। स्थानीय लोग उसे पहचानते थे, लेकिन उसका नाम और पता किसी को मालूम नहीं था। मजखाली चौकी प्रभारी ने उसे चौकी लाकर धैर्यपूर्वक बातचीत की और नेटग्रिड पोर्टल के माध्यम से भी पहचान का प्रयास किया, लेकिन गुमशुदगी पुरानी होने के कारण सफलता नहीं मिली।

इसके बाद पुलिस ने उसे एक डायरी में कुछ लिखने को कहा। उसने केवल एक शब्द लिखा-"राजेपुर"। यही एक शब्द उम्मीद की किरण बन गया।

पुलिस ने उत्तर प्रदेश के थाना राजेपुर, जनपद फर्रुखाबाद से संपर्क किया। फोटो सत्यापन के बाद उसकी पहचान श्याम सिंह (51), पुत्र फेरू सिंह, निवासी ग्राम राजेपुर राठौड़ी, फर्रुखाबाद के रूप में हुई।

गुरुवार 06 अगस्त को श्याम सिंह का बेटा अमित सिंह और अन्य परिजन मजखाली चौकी पहुंचे। उन्होंने बताया कि मानसिक स्थिति बिगड़ने के बाद श्याम सिंह करीब दस वर्ष पहले घर से लापता हो गए थे। वर्षों तक तलाश करने के बावजूद उनका कोई पता नहीं चल पाया था।

करीब एक दशक बाद जब बेटे ने अपने पिता को सामने देखा तो परिवार की आंखें भर आईं। खुशी और भावुकता के उस पल ने वहां मौजूद सभी लोगों को भावुक कर दिया। परिजनों ने अल्मोड़ा पुलिस और उत्तराखंड पुलिस की संवेदनशील कार्यशैली की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए उनका आभार व्यक्त किया। अल्मोड़ा पुलिस की इस पहल की सभी सराहना करते नजर आये।

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