बिलासपुर , सितंबर 06 -- छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में बिना वैध दस्तावेजों के रह रहे संदिग्ध लोगों की पहचान और उनके दस्तावेजों की जांच के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत सिरगिट्टी क्षेत्र में मिले 23 लोगों को सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने तक रायपुर स्थित होल्डिंग/डिटेंशन सेंटर भेजा गया है। इनके दस्तावेजों में दर्ज पश्चिम बंगाल के पतों की पुष्टि के लिए बिलासपुर पुलिस की विशेष टीम मुर्शिदाबाद और जंगीपुर पहुंची, जहां जांच में कुछ पते और जानकारियां दस्तावेजों से मेल नहीं खाने की बात सामने आई है।
पुलिस से रविवार को मिली जानकारी के अनुसार शासन के निर्देश पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) रजनेश सिंह ने संदिग्ध लोगों की पहचान और दस्तावेजों के सत्यापन के लिए विशेष टास्क फोर्स गठित की है। टीम बिलासपुर के विभिन्न क्षेत्रों में रह रहे लोगों के दस्तावेजों के साथ उनके मूल निवास संबंधी जानकारी की जांच कर रही है।
इसी अभियान के दौरान सिरगिट्टी क्षेत्र में रहने वाले 23 लोगों के दस्तावेजों में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद और आसपास के इलाकों के पते दर्ज मिले। इनकी वास्तविकता की पुष्टि के लिए संबंधित जिलों की पुलिस से सत्यापन कराने के बाद बिलासपुर पुलिस की विशेष टीम पश्चिम बंगाल पहुंची।
टीम ने मुर्शिदाबाद और जंगीपुर इलाके में संबंधित थाना प्रभारियों और स्थानीय पुलिस अधिकारियों से संपर्क कर दस्तावेजों में दर्ज पते तथा संबंधित व्यक्तियों के बारे में जानकारी जुटाई। स्थानीय स्तर पर की गई पड़ताल में कुछ पते सही नहीं मिले, जबकि कुछ मामलों में व्यक्तियों से संबंधित जानकारी दस्तावेजों में दर्ज विवरण से मेल नहीं खाई।
पुलिस अब इन लोगों की वास्तविक पहचान, मूल निवास और बिलासपुर में रहने के लिए इस्तेमाल किए गए दस्तावेजों की विस्तृत जांच कर रही है। शुरुआती जांच के बाद सभी 23 लोगों को रायपुर स्थित होल्डिंग/डिटेंशन सेंटर भेजा गया है, जहां पहचान और दस्तावेजों के सत्यापन की आगे की प्रक्रिया की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही उनकी नागरिकता और अन्य कानूनी स्थिति स्पष्ट होगी।
इस बीच पुलिस ने संदिग्ध गतिविधियों अथवा बिना वैध दस्तावेजों के किसी व्यक्ति के रहने की सूचना देने के लिए टोल फ्री नंबर 1800-233-1905 जारी किया है। नागरिकों से ऐसी किसी भी गतिविधि की जानकारी इस नंबर पर देने की अपील की गई है। पुलिस के अनुसार दस्तावेज सत्यापन का अभियान आगे भी जारी रहेगा।
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