शिवमोग्गा , अक्टूबर 24 -- कर्नाटक के मैसूरु के विश्व प्रसिद्ध 'जंबू सवारी' (जंबू सवारी) जुलूस के दौरान दशहरा हाथी 'सोमन्ना' से जुड़ी अप्रिय घटना के बाद सार्वजनिक उत्सवों में हाथियों के इस्तेमाल पर सवाल खड़े हो गए हैं।
कर्नाटक के स्कूली शिक्षा मंत्री मधु बंगारप्पा ने शनिवार को कहा कि राज्य सरकार इस बात पर वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाएगी कि क्या हाथियों को ऐसे त्योहारों का हिस्सा बने रहना चाहिए। यहां अधिकारियों के साथ दशहरा जुलूस के दौरान हुई घटनाओं की समीक्षा बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए श्री बंगारप्पा ने कहा, "सरकार इस बात पर वैज्ञानिक और तार्किक विचार करेगी कि क्या हाथियों को मैसूरु दशहरा जैसे उत्सवों में शामिल किया जाना चाहिए या नहीं।"गौरतलब है कि 21 अक्टूबर को जुलूस के दौरान अंबाडी (अंबारी/हाैदा) ले जा रहा हाथी सोमन्ना अचानक पीछे मुड़ गया और तय मार्ग पर इधर-उधर भागने लगा, जिससे वहां भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और दर्शक सहम गए। इस घटना ने भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक कार्यक्रमों में हाथियों की तैनाती से जुड़े जोखिमों पर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है, जहां दर्शकों, महावतों और अन्य प्रतिभागियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होती है। शिवमोग्गा जिले के प्रभारी मंत्री श्री बंगारप्पा ने कहा कि सरकार मैसूरु दशहरा जैसे आयोजनों में हाथियों की भागीदारी पर कोई भी अंतिम निर्णय लेने से पहले सभी पहलुओं की गहन जांच करेगी।
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