पटना , अक्टूबर 11 -- बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन ने रविवार को कहा कि दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है यॉर्क यह पर्व समाज में नई जागृति, विश्वास और उम्मीद का संचार करता है।
श्री हसनैन ने कहा कि यह त्योहार सामाजिक एवं पारिवारिक एकजुटता को मजबूत करने के साथ-साथ लोगों को आपस में जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
राज्यपाल ने आज पटना के गांधी मैदान में कला एवं संस्कृति विभाग तथा श्रीकृष्ण स्मारक विकास समिति, पटना प्रमंडल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दशहरा महोत्सव का उद्घाटन करने के बाद राज्यवासियों को नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं और कहा कि दशहरा जैसे पर्व हमारी सांस्कृतिक परंपराओं और जीवन-मूल्यों को सशक्त बनाते हैं। ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और नई पीढ़ी को देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिचित होने का अवसर प्रदान करते हैं।
कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के सचिव प्रणव कुमार ने इस अवसर पर कहा कि दशहरा महोत्सव समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखने और उसे अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। बिहार की सांस्कृतिक विरासत अत्यंत समृद्ध है। ऐसे आयोजन राज्य की सांस्कृतिक पहचान को सुदृढ़ करने के साथ ही कला एवं परंपराओं को बढ़ावा देते हैं।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित