चेन्नई , मई 20 -- ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट (एआईओसीडी) के एक दिवसीय देशव्यापी बंद का तमिलनाडु में जबरदस्त असर देखने को मिला और राज्य की करीब 40,000 मेडिकल दुकानों ने बुधवार को अपनी दुकानें बंद रखीं।

एसोसिएशन ने दवाओं की अवैध ऑनलाइन बिक्री और बड़ी कॉर्पोरेट कंपनियों की ओर से की जा रही प्रतिस्पर्धा विरोधी मूल्य निर्धारण नीति आदि के विरोध में हड़ताल का आह्वान किया था।

तमिलनाडु के औषधि नियंत्रण निदेशक के कार्यालय ने कहा कि स्थिति सामान्य बनाये रखने, जनता को किसी भी तरह की परेशानी न होने देने और जीवन रक्षक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सरकारी एवं निजी अस्पतालों से संबद्ध फार्मेसियों की शृंखला के साथ-साथ राज्य सरकार के स्वामित्व वाले रिटेल आउटलेट्स जैसे मुख्यमंत्री फार्मेसी (मुख्यमंत्री अमरुधगम), तमिलनाडु सहकारी समिति फार्मेसी और प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र इस हड़ताल में शामिल नहीं हुए।

एआईओसीडी की तमिलनाडु शाखा के सूत्रों ने कहा कि राज्य की लगभग 40,000 फार्मेसियों ने हड़ताल में भाग लिया, जबकि 5,000 से अधिक फार्मेसियों ने सामान्य रूप से काम किया।

हड़ताल के दुष्प्रभाव से बचाने के लिए और दवाओं की पर्याप्त और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए औषधि नियंत्रण विभाग ने जिलावार हेल्पलाइन नंबर जारी किये हैं। इसके अतिरिक्त आवश्यक दवाओं की उपलब्धता, फार्मेसियों के कामकाज और हड़ताल से उत्पन्न होने वाली किसी भी सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या की बारीकी से निगरानी करने के लिए कुल 69 औषधि निरीक्षकों (प्रत्येक जिले में कम से कम दो) को तैनात किया गया था।

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