कौशांबी , अक्टूबर 21 -- उत्तर प्रदेश में कौशांबी जिले की एक अदालत ने 17 वर्ष पूर्व दलित युवती की हत्या के मामले में चार अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने प्रत्येक दोषी पर एक लाख 31 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।

अभियोजन के अनुसार, वीरेंद्र कुमार ने सात अक्टूबर 2009 को सरायअकिल थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी पुत्री को अरवेश और उसका भाई सर्वेश, निवासी रूसहाई, अपने साथी रमाकांत दुबे और शिवकांत दुबे, निवासी लालापुर थाना क्षेत्र, प्रयागराज के साथ मिलकर बहला-फुसलाकर ले गए थे और उसकी हत्या कर दी गई थी।

पुलिस ने मामले में चारों आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 363, 364, 368, 120बी और 34 तथा एससी-एसटी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया था। विवेचना पूरी करने के बाद आरोपपत्र अदालत में दाखिल किया गया। मामले की सुनवाई एससी-एसटी अधिनियम के विशेष न्यायालय में हुई।

उभय पक्षों की दलीलें सुनने और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद विशेष न्यायाधीश अमित मालवीय ने बुधवार को चारों अभियुक्तों को हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और प्रत्येक पर एक लाख 31 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।

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