चंडीगढ़ , जून 11 -- पंजाब भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जाति मोर्चा के उपाध्यक्ष परमजीत सिंह कैंथ ने गांव दंदराला ढिंडसा (नाभा) की अनुसूचित जाति बस्ती के निकट खोले गये शराब के ठेके का कड़ा विरोध करते हुए राज्य के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और आबकारी एवं कराधान मंत्री हरपाल सिंह चीमा को विस्तृत पत्र भेजकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
श्री कैंथ ने गुरुवार को कहा कि एक ओर मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार पंजाब को नशामुक्त बनाने और दलित कल्याण के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर दलित बस्तियों और रिहायशी इलाकों के पास शराब के ठेके खोलकर समाज के ताने-बाने को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि गांव दंदराला ढिंडसा की ग्राम पंचायत पहले ही शराब के ठेके के विरोध में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर चुकी है। इसके बावजूद ग्रामीण पिछले कई दिनों से शांतिपूर्ण एवं अनिश्चितकालीन धरना दे रहे हैं, लेकिन सरकार जनता की आवाज सुनने के बजाय आबकारी राजस्व और शराब ठेकेदारों के हितों को प्राथमिकता दे रही है।
भाजपा नेता ने सवाल उठाया कि क्या शराब बिक्री से मिलने वाला राजस्व दलित बच्चों, युवाओं और महिलाओं के भविष्य से अधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति बस्तियों के निकट शराब के ठेके खोलना सामाजिक न्याय और संविधान की मूल भावना के खिलाफ है।
श्री कैंथ ने आरोप लगाया कि भगवंत मान सरकार दलित समुदाय की भावनाओं की अनदेखी कर रही है। ग्राम पंचायत के सर्वसम्मति प्रस्ताव और स्थानीय लोगों के विरोध के बावजूद शराब का ठेका जारी रखना सरकार की दलित विरोधी सोच को दर्शाता है। उन्होंने मांग की कि गांव दंदराला ढिंडसा की दलित बस्ती के निकट खोले गये शराब के ठेके की मंजूरी तुरंत रद्द की जाये तथा ठेके को किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित किया जाये। साथ ही भविष्य में दलित बस्तियों, स्कूलों, धार्मिक स्थलों और रिहायशी क्षेत्रों के निकट शराब के ठेके खोलने पर रोक लगाने के लिए स्पष्ट नीति बनाई जाये।
श्री कैंथ ने चेतावनी दी कि यदि पंजाब सरकार लोगों की भावनाओं का सम्मान नहीं करती, तो यह संघर्ष केवल दंदराला ढिंडसा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दलित समुदाय और भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के नेतृत्व में पूरे पंजाब में बड़े जन आंदोलन का रूप ले सकता है। उन्होंने कहा कि भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा पंजाब दलित समाज की गरिमा, सुरक्षा और भविष्य की रक्षा के लिए हर लोकतांत्रिक लड़ाई लड़ेगा तथा दलित बस्तियों के निकट शराब के ठेके खोलने की किसी भी नीति को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगा।
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