मुंबई , जून 17 -- शिवसेना (यूबीटी) सांसद अरविंद सावंत ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि वह उनकी पार्टी के विभाजन या किसी दल में विलय होने के किसी भी "अनधिकृत दावों" पर विचार न करें।

श्री सावंत ने मंगलवार को लिखे पत्र में, कुछ ऐसी मीडिया रिपोर्टों का हवाला भी दिया, जिसमें सुझाव दिया गया है कि शिवसेना (यूबीटी) के चुनाव चिह्न पर चुने गये कुछ सांसदों ने या तो अलग समूह के रूप में मान्यता लेने या किसी अन्य राजनीतिक दल में विलय के लिए अध्यक्ष कार्यालय से संपर्क किया है, या वे ऐसा करने पर विचार कर रहे हैं।

श्री सावंत ने सोशल मीडिया मंच पर पत्र साझा करते हुए कहा कि उन्होंने अध्यक्ष से अनुरोध किया है कि वे ऐसे किसी भी प्रतिवेदन पर तब तक विचार न करें जब तक कि उस पर पार्टी का औपचारिक अधिकार पत्र न हो।

उन्होंने यह भी कहा, "चूंकि ऐसी रिपोर्टें सीधे तौर पर दसवीं अनुसूची के तहत राजनीतिक और विधायी दलों को नियंत्रित करने वाले संवैधानिक ढांचे से जुड़े मुद्दे उठाती हैं, इसलिए मैंने सम्मानपूर्वक अनुरोध किया है कि जब तक पार्टी का अधिकार पत्र न हो, तब तक ऐसे किसी भी दावे या प्रतिवेदन पर विचार न किया जाए।"उल्लेखनीय है कि यह पत्र ऐसे समय में आया है जब कथित "ऑपरेशन टाइगर" के तहत महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की दिल्ली में शिवसेना (यूबीटी) के छह सांसदों से मुलाकात की रिपोर्टें तेज हो गई हैं। यह शब्द शिंदे धड़े द्वारा उद्धव बालासाहेब ठाकरे के विधायकों और सांसदों को अपने पाले में लाने के कथित प्रयासों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। शिवसेना (शिंदे) के विधान परिषद सदस्य कृपाल तुमाने ने दावा किया है कि शिवसेना (यूबीटी) के नौ लोकसभा सांसदों में से सात और 16 विधायक उनके संपर्क में हैं और दल बदलने के इच्छुक हैं।

रिपोर्टों के अनुसार, शिवसेना (यूबीटी) के नौ लोकसभा सांसदों में से छह बुधवार सुबह दिल्ली पहुंचे। लगभग उसी समय, श्री शिंदे भी राष्ट्रीय राजधानी में थे और कहा जाता है कि उन्होंने जयपुर के लिए रवाना होने से पहले सांसदों से मुलाकात की। इससे अटकलें तेज हो गईं कि वे संसद में एक अलग समूह बनाने का प्रयास कर रहे हैं।

शिवसेना (यूबीटी) के नेतृत्व ने इन दावों का खंडन किया है। रविवार को, पाटी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने सभी नौ सांसदों की एक बैठक बुलाई, जिसमें चार व्यक्तिगत रूप से शामिल हुए और अन्य वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। पार्टी प्रवक्ता संजय राउत ने दलबदल की अफवाहों को खारिज कर दिया और इसके जवाब में "ऑपरेशन वुल्फ" की घोषणा की।

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