दरभंगा , अक्टूबर 26 -- िला विधिक सेवा प्राधिकार, दरभंगा के तत्वावधान में सोमवार को जिले के विभिन्न विद्यालयों में सुरक्षित बचपन अभियान के तहत कानूनी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रमों में बच्चों को बाल सुरक्षा संबंधी कानूनों, व्यक्तिगत सुरक्षा, साइबर अपराध से बचाव और निःशुल्क कानूनी सहायता के बारे में जानकारी दी गई।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष अजय कुमार शर्मा के निर्देश पर आयोजित इन कार्यक्रमों में न्यायिक पदाधिकारियों ने बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करते हुए किसी भी प्रकार के दुर्व्यवहार के खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार के प्रभारी सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी जुनैद आलम ने बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) के निर्देश पर बच्चों को कानूनी अधिकारों एवं सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से अखिल भारतीय विद्यालय जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसके प्रथम चरण में 26 से 31 अक्टूबर तक न्यायिक पदाधिकारियों के नेतृत्व में गहन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अभियान का दूसरा चरण नवंबर 2026 से नवंबर 2027 तक विद्यालय स्तर पर संचालित किया जाएगा।
कार्यक्रमों के दौरान बच्चों को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम, किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, बाल श्रम निषेध, बाल विवाह प्रतिषेध, गुड टच-बैड टच तथा साइबर सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी गई। बच्चों को समझाया गया कि किसी भी तरह के शोषण, उत्पीड़न अथवा असुरक्षित व्यवहार की स्थिति में चुप रहने के बजाय अभिभावकों, शिक्षकों या संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी दें और आवश्यकता पड़ने पर कानूनी सहायता प्राप्त करें।
मारवाड़ी उच्च विद्यालय में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सुधांशु रंजन सिंह, मुकुंदी चौधरी उच्च विद्यालय, कादिराबाद में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अभिषेक पनवार, महावीर साहू मध्य विद्यालय, मदारपुर में न्यायिक मजिस्ट्रेट आनंद सौरव, बेनीपुर पब्लिक स्कूल में सिविल जज (जूनियर डिवीजन) श्रेया कुशवाहा तथा बिरौल के कोयला जान स्थित उच्च विद्यालय एवं मध्य विद्यालय में सिविल जज (जूनियर डिवीजन) राकेश कुमार दीपक के नेतृत्व में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।इसके अतिरिक्त पैनल अधिवक्ताओं, पारा विधिक स्वयंसेवकों, स्वयंसेवी संगठनों तथा अन्य संबंधित पक्षों के सहयोग से जिले के सैकड़ों विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर बच्चों को उनके कानूनी अधिकारों एवं सुरक्षा उपायों से अवगत कराया गया।
अभियान का उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने, उनके विरुद्ध होने वाले अपराधों की रोकथाम, कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा जरूरतमंद बच्चों तक निःशुल्क विधिक सहायता की पहुंच सुनिश्चित करना है।
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