चंडीगढ़ , जून 22 -- हरियाणा मंत्रिमंडल ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई बैठक में दीन दयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना (दयालू-1) में महत्वपूर्ण संशोधनों को मंजूरी दी है। नए प्रावधानों के तहत मृत्यु या विकलांगता के मामलों में दावा प्रस्तुत करने की अवधि तीन महीने से बढ़ाकर छह महीने कर दी गई है।
सरकार ने पहले से दायर दावों को भी राहत देते हुए तीन महीने की पूर्वव्यापी छूट देने का फैसला किया है। इससे अब मृत्यु या विकलांगता की तारीख से छह महीने तक किए गए दावे मान्य होंगे।
विलंब से दायर दावों के निपटान के लिए चरणबद्ध विलंब क्षमा तंत्र लागू किया गया है। छह से सात महीने तक की देरी वाले मामलों को एचपीएसएन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, सात से नौ महीने तक की देरी वाले मामलों को वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव और नौ से 12 महीने तक की देरी वाले मामलों को वित्त मंत्री मंजूरी दे सकेंगे।
योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए शिकायत निवारण तंत्र भी स्थापित किया जाएगा। जिला स्तर पर उपायुक्त क्षेत्रीय अधिकारी की भूमिका निभाएंगे, जबकि जिला सांख्यिकीय अधिकारी दयालू-1 योजना के नोडल अधिकारी के रूप में कार्य करेंगे।
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